नई दिल्ली। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। रुक-रुक कर हो रही इस भारी बारिश के कारण सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। आलम यह है कि दिल्ली से लेकर गुरुग्राम तक की मुख्य सड़कों और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई है और लोग घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं। कई इलाकों में तो जलस्तर इतना बढ़ गया कि वाहन बीच सड़क पर ही पानी में डूबकर बंद हो गए। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है।
गुरुग्राम में बारिश का सबसे भयावह रूप देखने को मिला। नरसिंहपुर इलाके में नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर भारी जलभराव के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुबह दफ्तर जाने वाले लोग सड़कों पर ही फंस गए और वाहन रेंगते हुए नजर आए। स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद करने और निजी दफ्तरों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ का आदेश जारी किया है ताकि सड़कों पर भीड़ कम की जा सके।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
राजधानी दिल्ली के वीआईपी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी जलभराव ने नगर निगम और प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। बाबा खड़क सिंह मार्ग पर पानी इतना अधिक भर गया कि वहां से गुजर रही कारें और अन्य वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए। इसी तरह एम्स (AIIMS) और राम मनोहर लोहिया (RML) जैसे बड़े अस्पतालों के पास भी सड़कों पर सैलाब जैसा नजारा दिखा। मरीजों और उनके तीमारदारों को अस्पताल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
| जलभराव से प्रभावित प्रमुख मार्ग और इलाके |
| बाबा खड़क सिंह मार्ग: कई फीट पानी भरने से वाहन फंसे और यातायात ठप। |
| एम्स और मोती बाग: मुख्य सड़कों पर जलभराव, वाहनों की आवाजाही प्रभावित। |
| एयरपोर्ट रोड: एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को जलभराव के कारण देरी हुई। |
| नरसिंहपुर (गुरुग्राम): एनएच-48 पर भारी जाम, जल निकासी की व्यवस्था फेल। |
| राम मनोहर लोहिया अस्पताल: अस्पताल के प्रवेश द्वार और आसपास की सड़कों पर पानी भरा। |
दिल्ली के मोती बाग और करकोला इलाकों में भी हालात बेहद खराब रहे। यहां मुख्य मार्गों पर पानी जमा होने के कारण लोगों को पैदल चलने में भी कठिनाई हुई। एपीएस कॉलोनी और एयरपोर्ट रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी जलभराव की समस्या गंभीर रही। इन इलाकों में रहने वाले निवासियों का कहना है कि प्रशासन हर साल ड्रेनेज सिस्टम सुधारने का दावा करता है, लेकिन थोड़ी सी बारिश होते ही पूरी दिल्ली डूबने लगती है। करकोला क्षेत्र में लोग बारिश के गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर दिखे, जिससे स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और रेड अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने आगामी कुछ घंटों के लिए दिल्ली-एनसीआर में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। साथ ही गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया गया है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। जलभराव की इस स्थिति ने एक बार फिर दिल्ली के बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।