Uttarakhand: उत्तराखंड में युवाओं के लिए खुले स्वर्णिम द्वार सरकारी नौकरियों के बाद अब स्वरोजगार और उद्यमिता पर धामी सरकार का बड़ा दांव – The Hill News

Uttarakhand: उत्तराखंड में युवाओं के लिए खुले स्वर्णिम द्वार सरकारी नौकरियों के बाद अब स्वरोजगार और उद्यमिता पर धामी सरकार का बड़ा दांव

देहरादून। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार के नेतृत्व में युवा वर्ग विकास की मुख्यधारा का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। अपने साढ़े चार वर्षों के सफल कार्यकाल में रिकॉर्ड 34 हजार युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान करने के बाद, मुख्यमंत्री ने अब प्रदेश की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक और बड़ा संकल्प लिया है। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई सात महत्वपूर्ण घोषणाओं में से चार सीधे तौर पर युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता पर केंद्रित हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन बहुत स्पष्ट है—वे उत्तराखंड के युवाओं को केवल रोजगार की तलाश करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला ‘उद्यमी’ बनाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य सरकार अब उच्च शिक्षा और आधुनिक तकनीक के साथ युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने जा रही है।

आईआईटी और आईआईएम के सहयोग से मिलेगा प्रशिक्षण
सरकार ने 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’ की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके तहत राज्य के युवा आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से निशुल्क उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि अपना व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवाओं को वित्तीय बाधाओं से बचाने के लिए सरकार बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि अनुदान (सब्सिडी) के रूप में स्वयं वहन करेगी।

युवाओं के लिए मुख्यमंत्री की चार बड़ी सौगातें
• विशेष औद्योगिक पार्क: चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग लगेंगे।
• प्रथम युवा आयोग: युवाओं से जुड़े मुद्दों और नीतिगत सुझावों के लिए समर्पित संस्थान बनेगा।
• स्वरोजगार योजना: 18-30 आयु वर्ग के युवाओं को बैंक ऋण पर 30% की सरकारी सब्सिडी मिलेगी।
• अग्निवीर एवं सीमांत प्रोत्साहन: सीमावर्ती गांवों के युवाओं और अग्निवीरों को स्वरोजगार हेतु अतिरिक्त सहायता।

पहाड़ों में उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम
पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन एक बड़ी चुनौती रही है, जिसका समाधान निकालने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों में विशेष औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों के माध्यम से पहाड़ों में मौजूद स्थानीय संसाधनों और युवाओं की प्रतिभा का सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि गांवों की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।

संस्थागत मजबूती के लिए बनेगा युवा आयोग
युवाओं की आवाज़ को शासन के उच्च स्तर तक पहुँचाने और उनके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार ‘युवा आयोग’ की स्थापना की जा रही है। यह आयोग एक ऐसे मंच के रूप में कार्य करेगा जहाँ शिक्षा, कौशल और रोजगार से जुड़े हर पहलू पर गहन मंथन होगा और युवाओं के सुझावों को सरकारी नीतियों का हिस्सा बनाया जाएगा।

सीमांत रक्षकों और अग्निवीरों का सम्मान
सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और वहां की जनसांख्यिकी को स्थिर बनाए रखने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीमांत गांवों के युवाओं के साथ-साथ अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के लिए विशेष स्वरोजगार कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री का मानना है कि अग्निवीरों के अनुभव और अनुशासन को उद्यमिता से जोड़कर उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाया जा सकता है।

पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि युवा शक्ति ही विकसित उत्तराखंड की असली ताकत है। सरकारी सेवाओं में निष्पक्ष भर्ती के माध्यम से युवाओं का विश्वास जीतने के बाद, अब स्वरोजगार के ये अवसर प्रदेश के हर युवा को अपनी जड़ों से जुड़े रहकर तरक्की करने का मौका देंगे। सरकार का यह प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण आने वाले समय में उत्तराखंड को उद्यमिता के मानचित्र पर नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने के लिए तैयार है।

 

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