देहरादून, 12 अगस्त। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर शेफ केशव नेगी ने शिष्टाचार भेंट की। केशव नेगी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए अग्निकांड के मामले में वर्तमान में कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे हैं। इस कठिन समय में राज्य सरकार द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और प्रदान किए गए सहयोग के लिए नेगी ने मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया।
मुलाकात के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने केशव नेगी का हाल-चाल जाना और उन्हें आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार का यह प्राथमिक कर्तव्य है कि देश के किसी भी कोने में रह रहे उत्तराखंड के नागरिकों के हितों की रक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए जो भी आवश्यक सहायता होगी, राज्य सरकार उसे उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत सक्रियता से मिला संबल
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी आग की घटना के बाद उत्तराखंड निवासी केशव नेगी के सामने गंभीर कानूनी और मानसिक चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। मामला संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने न केवल केशव नेगी से फोन पर व्यक्तिगत रूप से बात कर उनका ढांढस बंधाया, बल्कि इस विषय पर दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की थी। मुख्यमंत्री की इस प्रो-एक्टिव पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि उत्तराखंड के युवा को किसी भी स्तर पर अन्याय का शिकार न होना पड़े।
| केशव नेगी प्रकरण में सरकार के मुख्य कदम |
| • मुख्यमंत्री ने स्वयं केशव नेगी से दूरभाष पर बात कर मनोबल बढ़ाया। |
| • दिल्ली की मुख्यमंत्री से संपर्क कर मामले में न्यायोचित कार्यवाही का आग्रह किया। |
| • शासन के अधिकारियों को दिल्ली प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय के निर्देश दिए। |
| • कानूनी सहायता और अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन। |
नागरिकों का मनोबल बढ़ाना सरकार का दायित्व
पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि जब भी राज्य का कोई नागरिक संकट में होता है, तो सरकार का उत्तरदायित्व केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाना और उन्हें यह अहसास कराना भी जरूरी है कि उनकी मातृभूमि उनके साथ है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में आवश्यक समन्वय बनाए रखें और केशव नेगी को हर संभव सहायता सुनिश्चित करें।
परिजनों ने भी व्यक्त की कृतज्ञता
केशव नेगी के साथ उनके परिवार के सदस्य भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। परिजनों ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि एक मुख्यमंत्री का एक सामान्य नागरिक के लिए इस तरह आगे आना और सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर बात करना, उनके लिए बहुत बड़ी राहत की बात है। नेगी ने बताया कि सरकार के इस रुख के बाद उन्हें कानूनी लड़ाई लड़ने का साहस मिला है।
मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि उत्तराखंड सरकार ‘अंत्योदय’ और ‘सेवा’ के संकल्प के साथ काम कर रही है। चाहे प्रवासी हों या राज्य में रहने वाले लोग, सभी की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री धामी की इस पहल की सामाजिक हलकों में भी काफी सराहना हो रही है, इसे प्रवासियों के प्रति सरकार की जवाबदेही के एक बड़े उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। केशव नेगी ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग से वे इस संकट से सफलतापूर्वक बाहर निकलने में कामयाब होंगे।