Uttarakhand: चमोली में उफनाते नाले की भेंट चढ़ा बेली ब्रिज और मुख्यमंत्री धामी ने दिए राहत बचाव व सतर्कता के कड़े निर्देश

देहरादून, 11अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बड़ी आपदा की खबर सामने आई है। ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर स्थित तमकनाला में जलस्तर अचानक बढ़ने और पानी के अत्यधिक तेज बहाव के कारण वहां बना बेली ब्रिज पूरी तरह बह गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन से विस्तृत जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सतर्क करने के लिए कहा है।

तमकनाला में हुए इस हादसे में नाले के प्रचंड वेग की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के भी बहने की दुखद सूचना मिली है। मुख्यमंत्री ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को तुरंत मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक सतर्कता और मुख्यमंत्री के निर्देश
• आपूर्ति सुनिश्चित करें: पुल बहने से प्रभावित गांवों में राशन, दवा और जरूरी सामान की कमी न हो।
• वैकल्पिक मार्ग: यदि आवश्यक हो, तो वैकल्पिक रास्तों से ग्रामीणों तक रसद पहुंचाई जाए।
• आवाजाही पर रोक: सुरक्षा की दृष्टि से मलारी की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित।
• निचले क्षेत्रों में अलर्ट: नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी।

24 घंटे निगरानी पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश में खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ पर रहे। किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में प्रतिक्रिया समय (Response Time) न्यूनतम होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार ड्रोन या अन्य माध्यमों से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

राहत दलों को किया गया सक्रिय
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। चमोली जिला प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) के साथ निरंतर संपर्क बना हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि तमकनाला में बहने वाला ब्रिज 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित था। वर्तमान में नाले के रौद्र रूप को देखते हुए मार्ग पर यातायात बहाल करना संभव नहीं है, इसलिए जनता से अपील की गई है कि वे इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें।

ताजा स्थिति और बचाव कार्य
• लापता: एक व्यक्ति और एक वाहन (कैंपर) के बहने की प्रारंभिक सूचना।
• रेस्क्यू ऑपरेशन: एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर सक्रिय।
• यातायात: ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही ठप।
• समन्वय: स्थानीय पुलिस, प्रशासन और बीआरओ की टीमें संयुक्त रूप से जुटीं।

सचिव आपदा प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार नदी तटों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने की स्वायत्तता दी गई है। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है। सरकार की प्राथमिकता अब लापता व्यक्ति की तलाश और पुल के बहने से कटे गांवों तक संपर्क बहाल करना है।

 

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