Uttarakhand: रिकॉर्ड 12 घंटे में तैयार हुआ नंदा की चौकी पुल का एप्रोच मार्ग मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने परखी गुणवत्ता

देहरादून, 11 अगस्त। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल के क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सहसपुर के भाऊवाला में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम से लौटते समय अचानक इस निर्माण स्थल का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और अभियंताओं से कार्य की बारीकियों और सुरक्षा मानकों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने न केवल सड़क की गुणवत्ता जांची, बल्कि पुल के आसपास यातायात के सुचारू संचालन का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यस्थल पर पहुंचकर पुनर्निर्माण की तकनीकी स्थिति और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से क्षतिग्रस्त होने के कारणों और पुनर्निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

त्वरित कार्यवाही की मिसाल
नंदा की चौकी पुल का एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही राज्य सरकार ने अत्यंत तत्परता दिखाई। जैसे ही इस क्षति की जानकारी शासन तक पहुंची, मुख्यमंत्री ने बिना समय गंवाए संबंधित विभागों को तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में प्रशासन और इंजीनियरिंग टीम ने युद्धस्तर पर काम किया। परिणाम यह रहा कि महज 12 घंटे के भीतर एप्रोच मार्ग का पुनर्निर्माण कर लिया गया, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था शीघ्र सामान्य हो सकी।

गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान पुष्कर धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्माण की मजबूती से किसी भी स्तर पर समझौता न करें। उन्होंने कार्यस्थल पर मौजूद सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया ताकि वाहनों का आवागमन पूरी तरह सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि इतने कम समय में सड़क का निर्माण होने से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को होने वाली बड़ी असुविधा को समय रहते टाल दिया गया।

पुल का यह हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रेमनगर और आसपास के महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात व्यवस्था चरमराने का खतरा पैदा हो गया था। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए जाते, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती थी और चारधाम यात्रा सहित स्थानीय परिवहन पर बुरा असर पड़ता। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही उन सभी अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों की प्रशंसा की जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके इस चुनौती को स्वीकार किया और रिकॉर्ड समय में काम पूरा किया।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के मुख्य बिंदु
• एप्रोच मार्ग की मजबूती और ड्रेनेज व्यवस्था का परीक्षण किया।
• मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और बैरिकेडिंग की व्यवस्था को देखा।
• यातायात को निर्बाध बनाए रखने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
• विभागीय टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना कर मनोबल बढ़ाया।

पुष्कर धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून के दौरान जहां भी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचे, वहां इसी तरह की तत्परता और कार्यकुशलता दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा और उनकी सुविधाओं को बहाल करना है, और इसमें किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एप्रोच मार्ग का पुनर्निर्माण पूरा होने से अब नंदा की चौकी क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो गई है। मुख्यमंत्री का यह औचक निरीक्षण दर्शाता है कि वे धरातल पर चल रहे कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कितने गंभीर हैं।

 

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