कुवैत। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की आंच अब पड़ोसी देशों तक पहुँचने लगी है। शनिवार तड़के तेहरान ने कुवैत पर ताबड़तोड़ कई मिसाइलें दागीं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस हमले के बाद सुरक्षा कारणों से कुवैत की सभी हवाई सेवाओं को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। मिसाइल हमलों ने न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि कुवैत के पावर ग्रिड और पानी को खारेपन से मुक्त करने वाले (डिसेलिनेशन) संयंत्रों के अहम हिस्सों को भी भारी क्षति पहुँचाई है, जिससे देश में बुनियादी सेवाओं का संकट खड़ा हो गया है।
शनिवार की सुबह कुवैत के निवासियों के लिए खौफनाक रही। तड़के से ही पूरे देश में हवाई हमले के सायरन बार-बार गूँजते रहे। ईरानी मिसाइलों के कुवैती हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। अधिकारियों ने सार्वजनिक चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों को घरों के भीतर रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी। आसमान में मिसाइलों के फटने और विस्फोटों की आवाजों ने लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे अपने ‘ऑपरेशन नसर 2’ के 18वें चरण का हिस्सा बताया है। आईआरजीसी का दावा है कि उनकी सेना ने कुवैत स्थित ‘आरिफजान ग्राउंड फोर्सेज सपोर्ट सेंटर’ को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है, जो अमेरिकी थल सेना का एक महत्वपूर्ण सहायता केंद्र है। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने दावा किया है कि इस भीषण हमले में वहां तैनात कई अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, हालांकि हताहतों की वास्तविक संख्या की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
आईआरजीसी ने आगे जानकारी दी कि मिसाइल हमलों के साथ-साथ बेहद सटीक ड्रोन हमले भी किए गए। कुवैत में स्थित ‘अली अल सलेम’ अमेरिकी बेस पर लगे उन्नत रडार सिस्टम को ड्रोन के जरिए नष्ट करने का दावा किया गया है। हमलों का दायरा समुद्र और संचार केंद्रों तक भी पहुँच गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, कुवैत के ‘अल अहमदी’ पोर्ट पर स्थित अमेरिकी नौसेना के ईंधन आपूर्ति केंद्र (फ्यूल सपोर्ट पियर) के विरुद्ध भी ड्रोन और मिसाइलें तैनात की गई थीं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी सैन्य संचार तंत्र को ठप करने के लिए देश के भीतर मौजूद ‘सिग्नलिंग और कम्युनिकेशन हब’ पर भी प्रहार कर उसे नष्ट करने का दावा किया गया है।
इन हमलों का सबसे बड़ा असर कुवैत के अंतरराष्ट्रीय यात्रा और नागरिक जीवन पर पड़ा है। कुवैत के नागरिक उड्डयन अधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद किए जाने के बाद ‘कुवैत एयरवेज’ ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी उड़ान संचालन रोक दिए हैं। फ्लैग कैरियर ने पुष्टि की है कि क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ने के कारण मुख्य एविएशन हब पर आने वाली और यहाँ से जाने वाली सभी फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया है।
घरेलू मोर्चे पर स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है क्योंकि मिसाइलों ने नागरिक उपयोग वाले नेटवर्क को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरानी बमबारी के कारण एक प्रमुख पावर ग्रिड और डिसेलिनेशन प्लांट (पानी शुद्धिकरण संयंत्र) के एक हिस्से में भीषण आग लग गई। इस क्षति के कारण देश के कई हिस्सों में बिजली और पेयजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
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