देहरादून। कांग्रेस पार्टी ने उत्तराखंड में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। देहरादून में आयोजित राजनीतिक मामलों की समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने चुनावी रणनीति पर गहन मंथन किया। इस बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा न केवल आगामी चुनावों की रूपरेखा तैयार करना था, बल्कि राज्य के वर्तमान ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की ठोस योजना बनाना भी रहा।
शुक्रवार को अपने एक दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शिरकत की। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और आने वाले चुनावों में वह एक ताकतवर विकल्प के रूप में उभरकर भाजपा को कड़ी चुनौती देगी। उन्होंने राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित इस बैठक के दौरान वरिष्ठ नेताओं से जमीनी हकीकत का फीडबैक लिया और संगठन की मजबूती के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राहुल गांधी ने बैठक में अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से उनका विशेष और पुराना लगाव रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी उन्हें उत्तराखंड आमंत्रित करती है, उन्हें बहुत अच्छा लगता है। कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी उत्तराखंड का दौरा करेंगे। केंद्रीय नेतृत्व के इन दौरों से राज्य में चुनावी तैयारियों को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर दो प्रमुख मुद्दों—पेपर लीक और मंदिरों में चढ़ावा चोरी—को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगातार हो रहे पेपर लीक प्रकरणों ने हजारों मेधावी युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है और उनके सपनों को तोड़ने का काम किया है। इसके साथ ही, उन्होंने केदारनाथ और अन्य मंदिरों में चढ़ावा चोरी के मामलों को बेहद गंभीर बताया। राहुल गांधी के अनुसार, यह केवल वित्तीय गड़बड़ी नहीं है, बल्कि इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को गहरी चोट पहुंची है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड जैसे पवित्र स्थान से चढ़ावा चोरी होने का बुरा संदेश पूरे देश में जा रहा है, जो राज्य की प्रतिष्ठा के लिए ठीक नहीं है।
राजनीतिक मामलों की समिति की इस बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और जनहित के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने पर भी सहमति बनी। कुमारी शैलजा ने नेताओं को निर्देश दिए कि वे आपसी मतभेदों को भुलाकर जनता के बीच जाएं और सरकार की विफलताओं को उजागर करें। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता का आक्रोश बढ़ रहा है, जिसे सही दिशा देना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।
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