US: अमेरिका को मंदी से उबारने के लिए रघुराम राजन समेत तीन भारतीयों को महत्वपूर्ण जिम्मा

वाशिंगटन। अमेरिका में लंबे समय से जारी आर्थिक चुनौतियों और आसमान छूती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए वहां के केंद्रीय बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ ने एक बड़ा प्रशासनिक और रणनीतिक कदम उठाया है। फेडरल रिजर्व के नवनियुक्त अध्यक्ष केविन वॉर्श ने बैंक की कार्यप्रणाली में सुधार और आर्थिक नीतियों को नई दिशा देने के उद्देश्य से पांच विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। इन कमेटियों में दुनिया भर के चुनिंदा विशेषज्ञों को जगह दी गई है, जिनमें तीन भारतीय नाम प्रमुखता से शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, विख्यात अर्थशास्त्री राज चेट्टी और माइक्रोसॉफ्ट की वरिष्ठ कार्यकारी आशा शर्मा को अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय बैंक के प्रदर्शन को बेहतर बनाना और पिछले पांच वर्षों से लक्ष्य से ऊपर चल रही मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना है। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे अनुभवी विशेषज्ञ इस मुश्किल समय में संस्था की मदद के लिए साथ आए हैं। वॉर्श का मानना है कि इन विशेषज्ञों के शामिल होने से फेडरल रिजर्व में नई सोच का संचार होगा, जिससे मौद्रिक नीतियों के संचालन में पारदर्शिता और सटीकता आएगी। उनका लक्ष्य फेडरल रिजर्व को ऐसी स्थिति में लाना है जहाँ वह अपने उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सके।

इस नई व्यवस्था में रघुराम राजन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजन उस टास्क फोर्स का हिस्सा होंगे जो फेडरल रिजर्व की बैलेंस शीट व्यवस्था के लाभ और उसके संस्थागत प्रभावों का गहन अध्ययन करेगी। उनकी विशेषज्ञता का उपयोग यह समझने में किया जाएगा कि बैलेंस शीट से जुड़ी नीतियां वर्तमान आर्थिक परिवेश में कितनी प्रभावी हैं और उनमें भविष्य के लिए क्या सुधार किए जाने चाहिए। रघुराम राजन का अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और मौद्रिक नीतियों का लंबा अनुभव अमेरिकी केंद्रीय बैंक में नई ऊर्जा भरने का काम करेगा।

इसी तरह, दिल्ली में जन्मे भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री राज चेट्टी को डेटा टास्क फोर्स का सह-नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई है। वर्तमान में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राज चेट्टी शिकागो विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री केविन मर्फी के साथ मिलकर काम करेंगे। इस समूह का प्राथमिक कार्य फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णयों को प्रभावित करने वाले वास्तविक आर्थिक संकेतों की गुणवत्ता और उनकी समयबद्धता में सुधार करना है। यह टीम यह सुनिश्चित करेगी कि बैंक को मिलने वाले आर्थिक आंकड़े पूरी तरह सटीक हों, ताकि नीतिगत फैसले जमीनी हकीकत के आधार पर लिए जा सकें।

भारतीय मूल की एक और प्रमुख हस्ती आशा शर्मा को ‘उत्पादकता और रोजगार’ समिति में शामिल किया गया है। आशा शर्मा, जिन्हें हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के गेमिंग और एक्सबॉक्स विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया था, अब वेंचर कैपिटलिस्ट मार्क एंड्रीसेन और स्टैनफोर्ड के अर्थशास्त्री चार्ल्स आई. जोन्स के साथ आर्थिक सुधारों पर मंथन करेंगी। यह समिति इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगी कि तकनीक और उत्पादकता के बीच बेहतर तालमेल कैसे बिठाया जाए ताकि रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके।

इन टास्क फोर्स में केवल भारतीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर के कई अन्य दिग्गज भी शामिल हैं। इनमें बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व गवर्नर मर्विन किंग, वॉलमार्ट के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी डग मैकमिलन और नोबेल पुरस्कार विजेता थॉमस सार्जेंट जैसे नाम प्रमुख हैं। वॉर्श ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कवायद अमेरिकी मौद्रिक नीति के संचालन में बेहतर निर्णय लेने और उच्च मुद्रास्फीति के दौर को पीछे छोड़कर एक स्थिर अर्थव्यवस्था की नींव रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। टास्क फोर्स की यह टीम संचार, आर्थिक आंकड़ों के उपयोग और मुद्रास्फीति ढांचे की बारीकी से जांच करेगी।

 

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