Uttarakhand: केदारनाथ और बद्रीनाथ में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाएंगे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

देहरादून, 07 जुलाई। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के इन दो प्रमुख केंद्रों के पुनर्विकास में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति की निरंतर निगरानी की जाए ताकि कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण हो सकें।

केदारनाथ में तत्काल शुरू होंगे छह नए ब्लॉक के कार्य
समीक्षा के दौरान आनंद बर्द्धन ने केदारनाथ धाम में प्रस्तावित छह नए ब्लॉक्स के निर्माण कार्य पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि इन ब्लॉक्स का कार्य बिना किसी देरी के तत्काल शुरू कराया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि केदारनाथ में कार्य की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए हर दिन की मॉनिटरिंग आवश्यक है।

इस दौरान उन्होंने रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी को यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए एक विशेष निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि केदारनाथ यात्रा क्षेत्र के लिए एक ‘व्यापक एवं एकीकृत कूड़ा प्रबंधन योजना’ तैयार की जाए। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ के कारण उत्पन्न होने वाले कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन कार्यों के लिए शासन स्तर से किसी भी प्रकार की वित्तीय या तकनीकी सहायता की कमी नहीं होने दी जाएगी।

बद्रीनाथ मास्टर प्लान के दोनों चरणों में आएगी तेजी
मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान के फेज 1 और फेज 2 के कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के साथ-साथ प्रोजेक्ट से जुड़े आर्ट वर्क और कंटेंट निर्माण के कार्यों को भी समानांतर रूप से शुरू किया जाए। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रोजेक्ट का सौंदर्य और उद्देश्य भी निखरेगा। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ में चल रहे कार्यों को इस तरह गति दी जाए कि वे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हों।

संपत्तियों के रखरखाव के लिए बनेगा ढांचा
बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू नई सुविधाओं के रखरखाव पर केंद्रित रहा। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि धामों में स्थापित किए जा रहे एसेट्स (परिसंपत्तियों) के ‘ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस’ (संचालन एवं रखरखाव) के लिए अभी से एक ठोस रूपरेखा तैयार कर ली जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि इन सुविधाओं के संचालन के लिए संस्थाओं का चयन पहले से कर लिया जाए, ताकि निर्माण कार्य पूरा होने और हैंडओवर (हस्तांतरण) के बाद जिम्मेदारी तय करने में कोई कठिनाई न हो।

इस बैठक में सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार सहित चमोली और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी भी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने अंत में जोर देकर कहा कि पुनर्निर्माण कार्यों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करना है, इसलिए कार्यस्थल पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित जिलों के अधिकारियों को साप्ताहिक आधार पर प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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