नई दिल्ली। हर क्रिकेटर का यह सपना होता है कि वह एक दिन अपने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले। 15 साल के युवा वैभव सूर्यवंशी का यह सपना अब हकीकत में बदल गया है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया में चुने गए वैभव अब अपनी टीम के साथ जुड़ चुके हैं। पहली बार भारतीय टीम का हिस्सा बनने पर वैभव काफी भावुक नजर आए और उन्होंने इस पल को अपने जीवन का सबसे यादगार अनुभव बताया।
वैभव सूर्यवंशी ने बहुत ही कम उम्र में क्रिकेट के गलियारों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने अंडर-19, आईपीएल और इंडिया-ए के लिए खेलते हुए अपने तूफानी प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा। इसी शानदार फॉर्म का परिणाम है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें इतनी छोटी उम्र में ही सीनियर टीम इंडिया में जगह दी है।
जर्सी नंबर 03 के साथ होगा आगाज
वैभव पहली बार भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बने हैं। उनके इस विशेष पल को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक वीडियो के माध्यम से साझा किया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जब टीम इंडिया का स्टाफ और होटल कर्मचारी वैभव के कमरे के पास जर्सी का बॉक्स लेकर पहुंचते हैं, तो वैभव शिष्टाचार दिखाते हुए सबसे पहले टीम इंडिया के स्टाफ सदस्य के पैर छूते हैं। इसके बाद उन्हें वह डिब्बा सौंपा जाता है जिसमें उनकी आधिकारिक जर्सी रखी हुई थी।
जब वैभव ने बॉक्स खोला और अपनी नीली जर्सी देखी, तो उनकी आंखों में खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। वैभव की जर्सी का नंबर 03 है। अपनी पहली राष्ट्रीय जर्सी को वे काफी देर तक निहारते रहे और इस दौरान वे अत्यंत खुश और भावुक दिखे।
वैभव सूर्यवंशी के अब तक के सफर की खास बातें
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उम्र: मात्र 15 साल की आयु में राष्ट्रीय टीम में चयन।
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अनुभव: अंडर-19, आईपीएल और इंडिया-ए में धमाकेदार प्रदर्शन।
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जर्सी नंबर: अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए उन्हें 03 नंबर की जर्सी मिली है।
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आगामी चुनौती: आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विदेशी पिचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका।
‘सपना सच होने जैसा है यह पल’
वीडियो में अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए वैभव ने कहा कि टीम इंडिया की जर्सी को अपने हाथों में लेना एक ऐसा अहसास है जिसे शब्दों में पिरोना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि जिस दिन उन्होंने पहली बार क्रिकेट का बल्ला पकड़ा था और अभ्यास के लिए मैदान पर कदम रखा था, तभी से उनका एक ही लक्ष्य था—देश के लिए खेलना। आज वह मुख्य पड़ाव पूरा हो गया है।
वैभव ने कहा कि जर्सी को देखते ही उन्हें यह सब एक सुंदर सपने जैसा लगने लगा था। उन्होंने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा, “मैं इतना खुश था कि बस मुस्कुराए जा रहा था। कभी-कभी आप उन चीजों के बारे में नहीं सोचते जो अचानक आपके साथ हो जाती हैं, और फिर आप तुरंत प्रतिक्रिया भी नहीं दे पाते। मेरा हाल भी उस समय बिल्कुल वैसा ही था।”
वैभव का यह चयन न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह देश के अन्य उभरते युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है कि कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उम्र की बाधाओं को पार किया जा सकता है। अब सभी की निगाहें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ उनके प्रदर्शन पर टिकी होंगी।
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