UK: ब्रिटेन में फिर राजनीतिक उथल-पुथल प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पद से दिया इस्तीफा

लंदन। ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर हुआ है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पदभार संभालने के दो साल से भी कम समय के भीतर अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर खड़े होकर उन्होंने अपने पद से हटने की पुष्टि की। इसके साथ ही ब्रिटेन अब एक दशक के भीतर अपने सातवें प्रधानमंत्री का स्वागत करने की तैयारी में है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट का प्रसिद्ध निवासी ‘लैरी द कैट’ एक बार फिर सत्ता के इस बदलाव का गवाह बनेगा।

कीर स्टार्मर का इस्तीफा ब्रिटेन में 2016 के ब्रेक्सिट जनमत संग्रह के बाद से जारी राजनीतिक अस्थिरता का नया अध्याय है। पिछले दस वर्षों में डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज़ ट्रस और ऋषि सुनक जैसे नेता आए और गए, लेकिन कोई भी ब्रेक्सिट के बाद पैदा हुए आर्थिक और राजनीतिक झटकों को संभाल नहीं सका।

पतन के मुख्य कारण
जुलाई 2024 में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आए स्टार्मर ने राजनीति में सम्मान और स्थिरता बहाल करने का वादा किया था, लेकिन वे इसमें विफल रहे। उनके पतन की शुरुआत उन विवादों से हुई जिसमें उन्होंने महंगे उपहार, डिज़ाइनर चश्मे और कॉन्सर्ट टिकट स्वीकार किए थे। इसके बाद, पेंशनभोगियों के लिए ‘विंटर फ्यूल पेमेंट’ में कटौती के उनके फैसले ने आम जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को भारी नुकसान पहुंचाया।

हालांकि, उनके इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह लॉर्ड पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति बनी। मैंडेलसन को वाशिंगटन में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में उनके संबंध यौन अपराधों के दोषी जेफ्री एपस्टीन के साथ उजागर हो गए। सितंबर 2025 में सामने आए दस्तावेजों से पता चला कि मैंडेलसन ने संवेदनशील सरकारी जानकारी साझा की थी और वे सुरक्षा जांच में भी विफल रहे थे। इस खुलासे ने स्टार्मर की सरकार की साख खत्म कर दी।

ब्रेक्सिट का गहराता आर्थिक संकट
ब्रिटेन की इस अस्थिरता के पीछे ब्रेक्सिट का आर्थिक प्रभाव एक बड़ा कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों और बैंक ऑफ इंग्लैंड के आंकड़ों के अनुसार, ईयू छोड़ने के फैसले ने देश की अर्थव्यवस्था को ‘धीमे जहर’ की तरह नुकसान पहुंचाया है।

बर्नहैम बन सकते हैं अगले प्रधानमंत्री
लेबर पार्टी को हालिया स्थानीय चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है, जिसने स्टार्मर की विदाई तय कर दी। इसी बीच एंडी बर्नहैम एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरे हैं। उन्होंने मेकरफील्ड उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज कर खुद को नेतृत्व के लिए तैयार साबित किया है। पार्टी के भीतर भी यह माना जा रहा है कि निगेल फराज की ‘रिफॉर्म यूके’ पार्टी से निपटने के लिए अब एक नए चेहरे की जरूरत है।

आगे क्या होगा?
नए प्रधानमंत्री के लिए नामांकन की प्रक्रिया 9 जुलाई से शुरू होगी और 16 जुलाई तक चलेगी। यदि एंडी बर्नहैम के खिलाफ कोई बड़ा प्रतिद्वंद्वी खड़ा नहीं होता है, तो वे जुलाई के अंत तक कार्यभार संभाल सकते हैं। स्टार्मर ने वादा किया है कि 1 सितंबर तक देश को नया उत्तराधिकारी मिल जाएगा। फिलहाल ब्रिटेन उसी चौराहे पर खड़ा है जहां वह दस साल पहले था—एक स्थिर अर्थव्यवस्था और स्पष्ट भविष्य की तलाश में।

 

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