अमृतसर। भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जांबाज जवानों ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर राष्ट्रविरोधी ताकतों के नापाक मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस बड़ी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने हथियारों और गोला-बारूद का एक ऐसा विशाल जखीरा बरामद किया है, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से भेजा गया था। इस सफल ऑपरेशन ने न केवल सीमा पार से होने वाली तस्करी की पोल खोल दी है, बल्कि पंजाब समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में फैलने वाले संभावित अपराध की साजिश का भी समय रहते पर्दाफाश कर दिया है।
इस विशेष अभियान के दौरान बीएसएफ की 117वीं बटालियन ने जो बरामदगी की है, वह बेहद चौंकाने वाली है। सुरक्षा बलों के हाथ एक घातक एके-47 राइफल, 25 विदेशी निर्मित पिस्तौल, 368 जिंदा कारतूस और कुल 47 मैगजीन लगी हैं। इतने बड़े पैमाने पर आधुनिक और घातक हथियारों की बरामदगी यह स्पष्ट करती है कि सीमा पार बैठे तस्कर और उनके आका भारत की शांति और सुरक्षा को भंग करने के लिए किसी बड़ी और हिंसक योजना पर काम कर रहे थे।
केवल हथियारों की बरामदगी ही नहीं, बल्कि बीएसएफ ने इस मामले में एक भारतीय नागरिक को भी रंगे हाथों धर दबोचा है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि यह व्यक्ति पाकिस्तानी तस्करों के सीधे संपर्क में था और उसे इस पूरी खेप को उठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पकड़े गए आरोपी का काम ड्रोन के जरिए गिराए गए इस जखीरे को रिसीव करना और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इसे ठिकाने लगाना था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस गिरफ्तार व्यक्ति से गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि उसके अन्य स्थानीय संपर्कों और इस पूरे आपराधिक सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचा जा सके।
यह पूरी कार्रवाई अमृतसर के लोपोके और रमदास सेक्टर के बीच स्थित सीमावर्ती क्षेत्रों में अंजाम दी गई। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी तस्करों ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर इन हथियारों को भारतीय क्षेत्र में भेजा था। घने अंधेरे और भौगोलिक स्थितियों का फायदा उठाकर आधुनिक ड्रोन तकनीक के माध्यम से इस भारी जखीरे को सीमा के इस पार गिराया गया था। आईएसआई लगातार ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में घुसपैठ और हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।
सबसे महत्वपूर्ण और चिंताजनक जानकारी यह मिली है कि यह हथियार केवल पंजाब तक सीमित नहीं रहने वाले थे। खुफिया इनपुट और शुरुआती जांच से यह संकेत मिले हैं कि इस जखीरे की सप्लाई पंजाब के अलावा देश की राजधानी दिल्ली, पड़ोसी राज्य हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाशों व सक्रिय गैंगस्टरों को की जानी थी। आशंका जताई जा रही है कि इन विदेशी हथियारों का इस्तेमाल आने वाले समय में किसी बड़ी आतंकी या संगठित अपराध की घटना को अंजाम देने के लिए होना था। बीएसएफ की इस मुस्तैदी ने समय रहते एक बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे को टाल दिया है। फिलहाल पूरे सीमावर्ती इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक कड़ा कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।