नई दिल्ली। तेलंगाना के क्रिकेट जगत में उस समय हड़कंप मच गया जब तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन (टीसीए) ने मनोरंजन और खेल जगत की पांच बड़ी हस्तियों को कानूनी नोटिस जारी कर दिया। टीसीए ने दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा, अनुभवी अभिनेता वेंकटेश दग्गुबाती, भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज, युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अंबाती रायडू को ये नोटिस भेजे हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि ये सभी हस्तियां ‘टीजी-20’ (TG20) नामक एक ऐसी क्रिकेट लीग को प्रमोट कर रही हैं, जिसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की आधिकारिक मान्यता प्राप्त नहीं है।
अवैध लीग के विज्ञापन पर आपत्ति
टीसीए के महासचिव गुरावा रेड्डी ने इस मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए कहा कि हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) द्वारा आयोजित की जा रही यह लीग पूरी तरह से ‘गैर-कानूनी’ है। उनके अनुसार, नियमों के विरुद्ध जाकर किसी टूर्नामेंट को बढ़ावा देना गंभीर विषय है। रेड्डी ने कहा कि एसोसिएशन ने इन मशहूर हस्तियों से सीधे सवाल किया है कि वे इस विवादित लीग से क्यों जुड़े हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना बीसीसीआई की मंजूरी के इस तरह के आयोजनों को समर्थन देना खेल की गरिमा और नियमों के खिलाफ है।
हितधारकों को गुमराह करने का आरोप
टीसीए का दावा है कि हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन कॉर्पोरेट जगत के साथ व्यापारिक समझौते कर रहा है, जबकि उसके पास इस तरह की फ्रेंचाइजी-आधारित प्रीमियर लीग आयोजित करने के लिए जरूरी कानूनी अधिकार और बीसीसीआई की अनुमति नहीं है। रेड्डी ने आरोप लगाया कि एचसीए बड़े नामों और मशहूर हस्तियों का सहारा लेकर अपनी प्रशासनिक और कानूनी कमियों को छिपाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट के माध्यम से आम जनता और प्रायोजकों को गुमराह किया जा रहा है, जिससे भविष्य में उनके हितों को नुकसान पहुँच सकता है।
नाम बदलने का पुराना इतिहास
टीसीए ने अपनी आपत्ति में यह भी रेखांकित किया कि इस लीग का नाम बार-बार बदला गया है ताकि कानूनी पेचीदगियों से बचा जा सके। पहले इसे ‘तेलंगाना प्रीमियर लीग’ कहा गया, फिर इसका नाम बदलकर ‘टीटीएल’ (TTL) किया गया। इसके बाद इसे ‘टीजी-20 प्रीमियर लीग’ और अब केवल ‘टीजी-20’ के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। टीसीए का कहना है कि नाम बदलने से लीग की वैधता साबित नहीं हो जाती, क्योंकि किसी भी राज्य स्तरीय फ्रेंचाइजी लीग के लिए नियामक संस्था की अनुमति अनिवार्य होती है।
टीसीए की मुख्य आपत्तियां
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इस लीग को बीसीसीआई (BCCI) से कोई आधिकारिक अनापत्ति प्रमाण पत्र या मंजूरी नहीं मिली है।
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फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल को बिना नियमों के पालन के धरातल पर उतारा जा रहा है।
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कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए कॉर्पोरेट कंपनियों से निवेश जुटाया जा रहा है।
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मशहूर हस्तियों का उपयोग करके स्टेकहोल्डर्स की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास हो रहा है।
न्यायालय जाने की चेतावनी
तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यह केवल एक चेतावनी नोटिस नहीं है। यदि ये फिल्मी सितारे और क्रिकेटर्स तत्काल प्रभाव से इस टूर्नामेंट से खुद को अलग नहीं करते हैं, तो टीसीए इस मामले को अदालत में ले जाएगा। एसोसिएशन का मानना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और वे किसी भी स्तर पर खेल के साथ होने वाली धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। फिलहाल, इन सेलिब्रिटीज की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस विवाद ने हैदराबाद के क्रिकेट गलियारों में एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
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