चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े हालिया विवाद और अकाल तख्त द्वारा सुनाए गए फैसले पर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पहले ही इस मामले पर अपना पक्ष पूरी मजबूती के साथ रख चुके हैं, इसलिए अब इससे आगे कोई अतिरिक्त टिप्पणी करना आवश्यक नहीं है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण ही पार्टी का अधिकारिक रुख है और सत्यता की पुष्टि केवल तकनीकी माध्यमों से ही संभव है।
अमन अरोड़ा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को स्वयं मीडिया के सामने आकर अपनी बात स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा कि विवादित वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया था कि वायरल वीडियो उनका नहीं है। अमन अरोड़ा का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में सच्चाई तभी सामने आ सकती है जब वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई जाए। उन्होंने तकनीकी जांच की वकालत करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस वैज्ञानिक आधार के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
दूसरी ओर, इस विवाद ने धार्मिक मोड़ ले लिया है। श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी ताजा आदेशों के तहत न केवल मुख्यमंत्री, बल्कि आम आदमी पार्टी के कुछ अन्य प्रमुख विधायकों और नेताओं को भी तलब किया गया है। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार, संबंधित विधायकों और नेताओं को आगामी 4 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब में उपस्थित होना होगा और अपनी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण देना होगा।
विवाद की जड़ एक वीडियो है जिसे लेकर विभिन्न सिख जत्थेबंदियों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। सिख संगठनों का आरोप है कि यह मामला धार्मिक मर्यादा से जुड़ा है, जिसे देखते हुए अकाल तख्त ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ एक सुव्यवस्थित दुष्प्रचार बताया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके मन में सर्वोच्च सिख संस्था अकाल तख्त के प्रति गहरी श्रद्धा है और वे इसकी मर्यादा का पूरा सम्मान करते हैं।
अब सभी की निगाहें 4 जुलाई की तारीख पर टिकी हुई हैं, जब आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि अकाल तख्त के सम्मुख पेश होंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले का पंजाब की राजनीति और धार्मिक संतुलन पर बड़ा असर पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी इस समय वेट एंड वॉच (रुको और देखो) की नीति अपना रही है और पार्टी का पूरा ध्यान इस बात पर है कि किस प्रकार इस विवाद को कानूनी और धार्मिक मर्यादा के भीतर सुलझाया जा सके। फिलहाल, अमन अरोड़ा के बयान ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण को ही अंतिम मान रही है और वह फोरेंसिक जांच के जरिए सच सामने लाने की पक्षधर है।
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