Himachal: किशाऊ बांध परियोजना से हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत और महाराणा प्रताप को अर्पित की श्रद्धांजलि

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को कांगड़ा प्रवास के दौरान प्रदेश के आर्थिक हितों और विकास परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। गगल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में उन्होंने राज्य का पक्ष मजबूती से रखा। सुक्खू ने विशेष रूप से किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूर्व के प्रस्तावों में हिमाचल और उत्तराखंड के हितों की अनदेखी हो रही थी, जबकि लाभ अन्य राज्यों को मिल रहा था।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक योजना के तहत हरियाणा और दिल्ली को 90:10 के अनुपात में अनुदान देने की व्यवस्था थी, लेकिन इसका लाभ हिमाचल प्रदेश को नहीं मिल रहा था। उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष आपत्ति जताते हुए तर्क दिया कि इस परियोजना का सबसे अधिक भौगोलिक और पर्यावरणीय प्रभाव हिमाचल और उत्तराखंड पर पड़ना है, इसलिए राज्य के हितों की रक्षा अनिवार्य है। सुक्खू के तर्कों पर सहमति जताते हुए केंद्र सरकार ने अब यह निर्णय लिया है कि हिमाचल प्रदेश को इस परियोजना में किसी भी प्रकार का आर्थिक निवेश नहीं करना होगा।

मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि परियोजना के शुरू होने के पांच वर्ष बाद से हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अतिरिक्त राजस्व से राज्य की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आएगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर मंच पर हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने मनीषा मित्तल हत्याकांड का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है और घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप धर्मगिरी स्कूल, पठियार में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शिरकत की। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को नमन करते हुए सुक्खू ने कहा कि उनका जीवन अदम्य साहस, अद्वितीय त्याग और अटूट राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप ने समस्त राजसी सुख-सुविधाओं का परित्याग कर दिया था, जो आज के युवाओं के लिए कर्तव्यनिष्ठा और आत्मसम्मान की सबसे बड़ी सीख है।

इस अवसर पर युवाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप धर्मगिरी स्कूल में एक आधुनिक इंडोर स्टेडियम के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ खेल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि राज्य की युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो सकें। सुक्खू ने दोहराया कि महाराणा प्रताप के आदर्श आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

 

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