फतेहपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के फतेहपुर में पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। नवनिर्वाचित पंचायत समिति (बीडीसी) सदस्य अनुबाला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। अनुबाला ने आरोप लगाया है कि उन पर एक विशिष्ट पक्ष में मतदान करने के लिए अनुचित दबाव बनाया गया और जब उन्होंने इससे इनकार किया, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें धमकाया गया। इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मामला तब शुरू हुआ जब भटोली पकवां क्षेत्र से नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्य अनुबाला ने पुलिस थाना फतेहपुर में अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 12 जून की शाम को नरनूह निवासी हरप्रीत संधू और रैहन निवासी नवजोत उनके निवास स्थान पर पहुंचे। आरोप है कि इन दोनों व्यक्तियों ने अनुबाला पर आगामी 17 जून को होने वाले पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने के लिए मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। गौरतलब है कि हरप्रीत संधू भाजपा युवा मोर्चा फतेहपुर मंडल के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में वे प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं, जबकि नवजोत भी लंबे समय से युवा मोर्चा की गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
अनुबाला का कहना है कि जब उन्होंने इन नेताओं के दबाव के आगे झुकने से मना कर दिया और स्पष्ट किया कि मतदान करना उनका लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है, तो आरोपी अपना आपा खो बैठे। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि अनुबाला ने अपनी अंतरात्मा के आधार पर वोट देने की बात कही थी, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की और उनके महिला सम्मान को ठेस पहुंचाई। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दीं। इस दौरान वहां कुछ अन्य लोग भी एकत्र हो गए, जिससे मौके पर काफी देर तक गहमागहमी और तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिकी में मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश, राजनीतिक दबाव बनाने, धमकाने और एक महिला प्रतिनिधि के साथ दुर्व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं। इस मामले की तफ्तीश का जिम्मा एएसआई हेमराज को सौंपा गया है, जो घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाहों के बयान जुटा रहे हैं।
नूरपुर के पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि को डराना या लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना एक गंभीर अपराध है और पुलिस इस मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान मिलने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फतेहपुर में 17 जून को होने वाले पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव अब बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण मोड़ पर पहुंच गए हैं। इस एफआईआर ने चुनावी गणित को प्रभावित करने की संभावना पैदा कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या इस विवाद का असर चुनाव के नतीजों पर पड़ेगा। फिलहाल पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। क्षेत्र के लोग और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि अब पुलिस की अगली कार्रवाई और चुनाव के दिन होने वाली गतिविधियों पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं।
| घटनाक्रम का विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| शिकायतकर्ता | अनुबाला (बीडीसी सदस्य, भटोली पकवां) |
| मुख्य आरोपी | हरप्रीत संधू और नवजोत |
| घटना की तारीख | 12 जून की शाम |
| आरोप | मतदान के लिए दबाव, धमकी और गाली-गलौज |
| चुनाव की तारीख | 17 जून |
| जांच अधिकारी | एएसआई हेमराज |
इस पूरे विवाद ने फतेहपुर की राजनीति में महिलाओं की सुरक्षा और उनके स्वतंत्र राजनीतिक अधिकारों पर एक नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए सत्तारूढ़ विचारधारा से जुड़े लोगों के व्यवहार पर सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी निगाहें 17 जून को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि फतेहपुर पंचायत समिति की कमान किसके हाथों में जाएगी।
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