शिमला। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए पंचायती राज चुनावों के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को राज्य के विभिन्न जिलों में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए गए। प्रदेश के 12 जिलों में कुल 3754 पंचायत प्रधान और इतनी ही संख्या में उपप्रधान निर्वाचित हुए हैं। सोमवार को जिला कांगड़ा को छोड़कर शेष 11 जिलों की 2909 पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। जिला स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में प्रदेश सरकार के मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की।
मंडी जिले में आयोजित समारोह में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने शिरकत की। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को उनके कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों की शपथ दिलाई। वहीं, ऊना जिले में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 249 पंचायतों के प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
समारोह में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सहित राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों ने भी विभिन्न जिलों में प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई। हालांकि, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह अपनी पूर्व व्यस्तताओं के चलते इन कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सके। लाहुल स्पीति जिले की बात करें तो वहां उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने पंचायत प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई। पूर्व में लाहुल स्पीति और कुल्लू जिले के लिए संयुक्त रूप से शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से बाद में इसमें बदलाव किया गया।
कांगड़ा जिले में 18 जून को होगा आयोजन
राज्य के सबसे बड़े जिले कांगड़ा के लिए शपथ ग्रहण की तिथि अलग निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू 18 जून को जिला कांगड़ा के नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों को शपथ दिलाएंगे। यह कार्यक्रम धर्मशाला के समीप दाड़ी स्थित मेला मैदान में आयोजित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत सुबह 11 बजे होगी। कांगड़ा जिले की 18 पंचायत समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए संबंधित उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) द्वारा तिथियां निर्धारित की जाएंगी, जबकि जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की जिम्मेदारी उपायुक्त द्वारा तय की जाएगी।
तीन चरणों में संपन्न हुई थी चुनावी प्रक्रिया
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थानों के लिए मतदान की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी हुई थी। इसके लिए 26, 28 और 30 मई को वोट डाले गए थे। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के चुनाव परिणामों की घोषणा मतदान वाले दिन ही संबंधित केंद्रों पर कर दी गई थी। वहीं, पंचायत समिति और जिला परिषद के सदस्यों के लिए मतों की गणना 31 मई से शुरू हुई थी। अधिकांश परिणाम उसी दिन घोषित कर दिए गए थे, जबकि कुछ सीटों के परिणाम अगले दिन तक सामने आए थे। अब राज्य में केवल पंचायत समितियों और कांगड़ा जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों की घोषणा के लिए चुनाव होना बाकी है।
हिमाचल पंचायत चुनाव एक नजर में
कुल निर्वाचित प्रधान: 3754
कुल निर्वाचित उपप्रधान: 3754
शपथ ग्रहण (11 जिले): 2909 पंचायतों में सम्पन्न
कांगड़ा का कार्यक्रम: 18 जून, सुबह 11 बजे
चुनाव चरण: 26, 28 और 30 मई
शपथ ग्रहण समारोह की मुख्य बातें
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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना में 249 प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई।
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मंडी जिले के प्रतिनिधियों को पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने पद की शपथ दिलाई।
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लाहुल स्पीति में केवल सिंह पठानिया ने शपथ ग्रहण की कमान संभाली।
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विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी इस प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाई।
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मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू कांगड़ा के दाड़ी में मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
हिमाचल प्रदेश में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में यह शपथ ग्रहण समारोह एक महत्वपूर्ण कदम है। अब सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधि आधिकारिक तौर पर अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की कमान संभालेंगे। स्थानीय स्तर पर लंबित परियोजनाओं को गति मिलने और नई कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की उम्मीद अब इन नए जनप्रतिनिधियों से की जा रही है।
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