Punjab: चंडीगढ़ केमिस्ट कैशियर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलना था असली मकसद

चंडीगढ़। सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल में शनिवार दोपहर हुई कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, हमलावरों का प्राथमिक निशाना ‘कुमार एंड कंपनी’ था, लेकिन वहां कड़ी सुरक्षा और भीड़ को देखते हुए उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। शूटरों ने केमिस्ट कारोबारियों के बीच दहशत पैदा करने और रंगदारी वसूलने के लिए आसान शिकार के तौर पर जानकी दास की जान ले ली।

सीसीटीवी फुटेज और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नकाबपोश शूटर वारदात से करीब 15 मिनट पहले कुमार एंड कंपनी पहुंचे थे। वे दुकान के भीतर तक भी गए, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मी, ग्राहकों की भीड़ और दुकान के ठीक सामने लगे पुलिस नाके ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया। इसके बाद करीब 20 मिनट तक उन्होंने आसपास की दुकानों की टोह ली। अंततः उन्होंने श्री कुमार मेडिकल को निशाना बनाया, क्योंकि वहां से पुलिस नाका थोड़ा दूर था और जोखिम कम नजर आ रहा था। हमलावरों ने ऑटोमैटिक जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया और महज कुछ ही सेकंड में काउंटर पर बैठे जानकी दास पर करीब 13 गोलियां बरसा दीं।

वारदात को अंजाम देने के बाद शूटरों ने सोची-समझी रणनीति के तहत अपनी बाइक छोड़ी और ऑटो से कजहेड़ी पहुंच गए। वहां उन्होंने एक कपड़े की दुकान से नए कपड़े खरीदे और अपने हुलिए को पूरी तरह बदल लिया। सीसीटीवी कैमरों में उन्हें पैदल ही बस स्टैंड की ओर जाते देखा गया है। पुलिस को प्रबल आशंका है कि वे किसी अंतरराज्यीय बस में सवार होकर दिल्ली या पड़ोसी राज्यों की ओर फरार हो गए हैं। वर्तमान में चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस की कई टीमें हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

इस हत्याकांड की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने ली है। अपनी पोस्ट में उसने विशेष रूप से कुमार ब्रदर्स का नाम लिखा, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि जानकी दास की हत्या केवल दहशत फैलाने का एक जरिया थी। पुलिस का मानना है कि यह वारदात केमिस्ट व्यापारियों पर दबाव बनाने और उनसे भारी रंगदारी (टैक्स) वसूलने के लिए अंजाम दी गई है। मृतक जानकी दास का न तो किसी आपराधिक गिरोह से कोई संबंध था और न ही उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत रंजिश थी।

वारदात से जुड़ी मुख्य जानकारियां

  • असली निशाना: हमलावर कुमार ब्रदर्स और कुमार एंड कंपनी के मालिकों को निशाना बनाना चाहते थे।

  • हथियार का प्रयोग: हत्या में ऑटोमैटिक जिगाना पिस्टल का उपयोग हुआ, जिससे चंद सेकंड में पूरी मैगजीन खाली कर दी गई।

  • पहचान छुपाने की कोशिश: कजहेड़ी में कपड़े बदलकर शूटरों ने पुलिस को चकमा देने का प्रयास किया।

  • गैंगस्टर कनेक्शन: विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर इस वारदात का दावा किया है।

  • पुरानी रंजिश: इस कारोबारी परिवार से पहले भी गैंगस्टर संपत नेहरा और गोल्डी बराड़ करोड़ों की रंगदारी मांग चुके हैं।

खतरे में कारोबारी परिवार: कब-कब मिली धमकियां

  • 2018: गैंगस्टर संपत नेहरा ने कारोबारी परिवार से 3 करोड़ रुपये की मांग की थी।

  • वॉइस नोट: गोल्डी बराड़ ने वॉयस मैसेज भेजकर ‘टैक्स’ न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।

  • 3 महीने पहले: दिल्ली पुलिस ने गोल्डी बराड़ के दो शूटरों को पकड़ा था, जिन्होंने इस दुकान की रेकी करने की बात स्वीकारी थी।

  • वर्तमान सुरक्षा: धमकियों के बाद पुलिस ने सुरक्षा दी थी, लेकिन वारदात के समय मौके पर पर्याप्त बल नहीं था।

चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुडा ने बताया कि अपराध शाखा और ऑपरेशन सेल की टीमें हमलावरों की तलाश में जुटी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, शहर के केमिस्टों और व्यापारियों में इस घटना के बाद भारी रोष और असुरक्षा का माहौल है।

 

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