चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को राज्य के उन नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई अवैध प्रॉपर्टी प्लॉट्स में निवेश कर दी थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार जल्द ही एक व्यापक राज्यव्यापी नीति तैयार करेगी ताकि राज्य भर में अनधिकृत कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का स्थाई समाधान निकाला जा सके।
ऐसी कॉलोनियों के निवासियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब भर में हजारों मासूम खरीदार उन कॉलोनाइजरों की लापरवाही और धोखाधड़ी का खामियाजा भुगत रहे हैं, जिन्होंने अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेचे और बाद में लोगों को कानूनी और बुनियादी ढांचे की गंभीर समस्याओं के बीच बेसहारा छोड़ दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, हजारों परिवारों ने अपनी पूरी जमा पूंजी इन प्लॉट्स में लगा दी, लेकिन बाद में उन्हें कड़वी सच्चाई का पता चला कि वे न तो अपनी जमीन बेच सकते हैं और न ही उसकी रजिस्ट्री करवा सकते हैं।
इतना ही नहीं, ये लोग बिजली, पानी और सीवरेज कनेक्शन जैसी अत्यंत आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रह गए। भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि ये लोग सिस्टम के शिकार हैं और न्याय के हकदार हैं। उन्होंने मासूम नागरिकों और बेईमान डेवलपर्स के बीच एक स्पष्ट लकीर खींचते हुए कहा कि धोखाधड़ी करने वाले कॉलोनाइजरों ने आकर्षक ब्रोशर और झूठे वादों के जाल में लोगों को फंसाया। इन डेवलपर्स ने मोटा मुनाफा कमाया और वहां से निकल गए, जबकि आम नागरिकों को कानूनी परिणामों और सुविधाओं के अभाव से जूझने के लिए छोड़ दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिक्री के समय इन कॉलोनाइजरों ने जानबूझकर इस तथ्य को छुपाया कि इन कॉलोनियों में बिजली मीटर, सड़कें और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की मंजूरी नहीं ली जा सकती। उन्होंने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जहां राज्य सरकार जागरूकता की कमी के कारण निवेश करने वाले मासूम नागरिकों की सुरक्षा करेगी, वहीं इन धोखेबाज कॉलोनाइजरों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
भगवंत सिंह मान ने ऐलान किया कि ऐसे कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, पंजाब सरकार एक ऐसी समान नीति लेकर आएगी जिसके जरिए प्रभावित निवासियों को बड़ी राहत दी जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहत पैकेज और नीति केवल लुधियाना या पटियाला जैसे चुनिंदा शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे पूरे पंजाब में समान रूप से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के हर प्रभावित नागरिक को समान न्याय मिले।
आगामी कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में नागरिकों से प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा और अवैध कॉलोनियों से जुड़े सभी लंबित कानूनी और वित्तीय मामलों की गहन समीक्षा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य एक व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान विकसित करना है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने जनता से भविष्य में संपत्ति खरीदते समय सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले खरीदारों को उसका उचित सत्यापन करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रोजेक्ट को पुडा, गमाडा या ग्लाडा जैसे सक्षम अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी मिली हो। भगवंत सिंह मान ने विश्वास दिलाया कि पंजाब सरकार निवासियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
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