Iran: कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन हमला और एक भारतीय नागरिक की मौत से बढ़ा तनाव

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच गहराते सैन्य गतिरोध का खामियाजा अब निर्दोष नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। बुधवार को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक भीषण ईरानी ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। कुवैत में स्थित भारतीय दूतावास ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की है। इस हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और कुवैत सरकार ने एहतियात के तौर पर अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 स्थित यात्री भवन को एक ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच हुए इस अचानक हमले से एयरपोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। हमले की गंभीरता को देखते हुए कुवैती नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से पूरे देश का एयरस्पेस बंद करने का निर्णय लिया। कुवैत सिविल एविएशन ने आधिकारिक तौर पर बताया कि सभी हवाई यातायात को निलंबित कर दिया गया है और जो उड़ानें कुवैत की ओर आ रही थीं, उन्हें वैकल्पिक हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।

इस हमले का सीधा असर भारत और कुवैत के बीच हवाई सेवाओं पर पड़ा है। भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कुवैत आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानों को 4 जून 2026 की दोपहर 12 बजे तक के लिए निलंबित कर दिया है। इंडिगो ने एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यात्रियों और विमान चालक दल की सुरक्षा उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए यह एहतियाती कदम उठाना अनिवार्य था। एयरलाइन ने इस व्यवधान के लिए यात्रियों से खेद व्यक्त किया है और कहा है कि वे क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

इंडिगो ने अपने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच अवश्य कर लें। कंपनी ने उन यात्रियों को पूर्ण रिफंड या रीबुकिंग का विकल्प भी दिया है जिनकी यात्रा इस निलंबन के कारण प्रभावित हुई है। एयरलाइन प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही संबंधित विमानन प्राधिकरणों से सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिलेगी और सुरक्षित हवाई मार्ग उपलब्ध होगा, वे अपनी सेवाओं को पुनः सुचारू कर देंगे।

कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला उस समय आया है जब क्षेत्र में युद्ध जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं। टर्मिनल-1 जैसे व्यस्त यात्री भवन को निशाना बनाना वैश्विक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना में भारतीय नागरिक की जान जाना भारत के लिए भी एक बड़ी कूटनीतिक और मानवीय क्षति है। फिलहाल, कुवैती सुरक्षा एजेंसियां हमले के बाद की स्थिति का जायजा ले रही हैं और एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटना के बाद ईरान और अमेरिका के बीच उपजे इस नए विवाद पर पैनी नजर बनाए हुए है। अधिकारियों को अंदेशा है कि इस तरह के हमलों से अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

 

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