देहरादून। उत्तराखंड में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा सोमवार को जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के मैदानी जिलों में अगले दो दिन भीषण गर्मी और लू (हीट वेव) का प्रकोप रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 मई से 27 मई, 2026 तक राज्य के मैदानी जनपदों में पारा सामान्य से काफी अधिक रह सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, विशेष रूप से हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और चम्पावत जनपदों के मैदानी इलाकों में हीट वेव जैसी स्थिति बन सकती है। इन क्षेत्रों में गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगे। इस गंभीर चेतावनी को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने तत्परता दिखाते हुए सभी संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को हाई अलर्ट पर रखते हुए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों और नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रहने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि सभी अस्पतालों में लू और डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) से प्रभावित होने वाले मरीजों के लिए विशेष वार्ड और उपचार की व्यवस्था की जाए। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयां, ओआरएस घोल, बर्फ और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
आम जनता को राहत देने के लिए नगर निकायों को भी सक्रिय किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक स्थानों जैसे बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख चौराहों पर पेयजल और प्याऊ की समुचित व्यवस्था की जाए। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों को धूप से बचाने के लिए अस्थायी शेड और विश्राम स्थलों का निर्माण करने को कहा गया है। बिजली और पेयजल विभागों को सख्त हिदायत दी गई है कि इस भीषण गर्मी के दौरान आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दें। जिन क्षेत्रों में पानी की किल्लत है, वहां टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
श्रमिकों और बाहरी कार्यस्थलों पर काम करने वाले लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परामर्श जारी किया है कि उनके काम करने के समय में बदलाव किया जाए। सलाह दी गई है कि अत्यधिक धूप के समय काम बंद रखा जाए और श्रम कार्य को सुबह जल्दी या शाम के समय तक ही सीमित रखा जाए। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भीषण गर्मी के दौरान, विशेषकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच, अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी, जूस और अन्य तरल पदार्थों का निरंतर सेवन करने का सुझाव दिया है। मौसम का यह तीखा रुख आने वाले कुछ दिनों तक चुनौती बना रह सकता है, इसलिए सावधानी और सतर्कता बरतनी अनिवार्य है।
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