तेहरान/वाशिंगटन। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में संघर्ष की आग एक बार फिर भड़क उठी है, जिससे वैश्विक शांति पर संकट के बादल गहरा गए हैं। ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे एक अमेरिकी एमक्यू-9 (MQ-9) रीपर ड्रोन को मार गिराया है। आईआरजीसी के अनुसार, जैसे ही इस अत्याधुनिक ड्रोन ने ईरानी सीमाओं का उल्लंघन किया, इसे दुश्मन का विमान मानकर तुरंत नष्ट कर दिया गया। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका द्वारा किसी भी प्रकार के संघर्ष विराम उल्लंघन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करना उसका संप्रभु अधिकार है।
इस सैन्य कार्रवाई के साथ ही ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की ओर से एक कड़ा और चेतावनी भरा संदेश भी जारी किया गया है। ईरानी मीडिया द्वारा प्रसारित इस संदेश में दावा किया गया है कि ईरान ने मौजूदा संघर्ष के दौरान अमेरिका और इजरायल को जमीन, समुद्र और हवा, तीनों मोर्चों पर मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए निशाना बनाया है। खामेनेई ने यह संदेश हज यात्रा के अवसर पर जारी किया है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर अमेरिका को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी दी है।
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अपने संदेश में पड़ोसी देशों को भी सचेत करते हुए कहा कि अब कोई भी देश अमेरिकी सेना की मौजूदगी के लिए ढाल का काम नहीं करेगा। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि अमेरिका को अब इस पूरे क्षेत्र में अपने सैन्य अड्डे बनाने के लिए कोई भी सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं होगा। खामेनेई ने मिडिल ईस्ट के देशों के बीच बढ़ती एकजुटता और उनके साझा रणनीतिक हितों पर जोर देते हुए कहा कि यह आपसी जुड़ाव न केवल इस क्षेत्र में, बल्कि पूरी दुनिया में एक ‘नई व्यवस्था’ स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।
खामेनेई के इस संदेश में ‘अमेरिका का नाश हो’ और ‘इजरायल का नाश हो’ जैसे तीखे नारों का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि ये नारे समूची इस्लामी दुनिया, विशेषकर युवा पीढ़ी के बीच लोगों को एकजुट करने वाले एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में हमेशा गूंजते रहेंगे। गौरतलब है कि युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा खामेनेई की कोई ताज़ा तस्वीर या ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक नहीं हुई थी, ऐसे में इस लिखित संदेश को ईरान की रणनीतिक स्थिति को मजबूती देने और अपने क्षेत्रीय सहयोगियों को एकजुट करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान की इस कार्रवाई से कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी सेना ने घोषणा की थी कि उसने ईरानी रॉकेट प्रक्षेपण स्थलों पर ‘रक्षात्मक’ हमले किए हैं। अमेरिका का तर्क था कि ये हमले उसकी अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक थे। एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराए जाने की घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को एक नए खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। रीपर ड्रोन अमेरिका के सबसे महंगे और घातक टोही विमानों में से एक माना जाता है। इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के और अधिक फैलने की आशंका बढ़ गई है, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उकसावे की कार्रवाई करने के आरोप लगा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि यहां बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।
Pls read:Iran: युद्ध के मुहाने पर अमेरिका और ईरान, तेहरान ने एयरस्पेस किया बंद