वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा फिर से सैन्य हमले किए जाने की बढ़ती आशंकाओं को देखते हुए ईरान ने एहतियात के तौर पर अपना पूरा एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। इस कदम ने दुनिया भर की विमानन कंपनियों और कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस बीच, दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में किसी भी समय बड़े संघर्ष की संभावना बढ़ गई है।
सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ईरान पर हमलों के एक नए और बड़े दौर की विस्तृत योजना तैयार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, यदि अगले 24 घंटों के भीतर कोई महत्वपूर्ण कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियानों को हरी झंडी दे सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला अभी लंबित है, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) और खुफिया एजेंसियों के कई शीर्ष अधिकारियों ने मेमोरियल डे वीकेंड की अपनी पूर्व निर्धारित छुट्टियां रद कर दी हैं और वे व्हाइट हाउस के संपर्क में बने हुए हैं।
तनाव की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को न्यू जर्सी में अपना वीकेंड कार्यक्रम अचानक रद करना पड़ा और वे तुरंत वाशिंगटन डी.सी. लौट आए। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में उनका व्हाइट हाउस में मौजूद रहना देश की सुरक्षा के लिए नितांत आवश्यक है। इसी तनाव के कारण ट्रंप ने अपने बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की शादी में शामिल होने की संभावना को भी लगभग खारिज कर दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि यद्यपि वे अपने बेटे की शादी की खुशियों में शामिल होना चाहते थे, लेकिन अमेरिका के प्रति अपने कर्तव्य और मौजूदा सरकारी परिस्थितियों के कारण वे वाशिंगटन नहीं छोड़ सकते।
गौरतलब है कि अप्रैल में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित किया गया अस्थायी संघर्ष विराम (सीजफायर) अब तक काफी हद तक बना हुआ था, लेकिन हाल के दिनों में खाड़ी देशों में हुए छिटपुट हमलों ने इसे कमजोर कर दिया है। अप्रत्यक्ष माध्यमों से दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जरूर हो रही हैं, लेकिन तेहरान के संवर्धित यूरेनियम को लेकर दोनों पक्ष किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति किसी कीमत पर नहीं देगा और उसे अपना संवर्धित यूरेनियम विदेश भेजना होगा।
इसके विपरीत, ईरानी प्रशासन का रुख भी काफी सख्त है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि उसका संवर्धित यूरेनियम उसकी संपत्ति है और वह इसे किसी भी स्थिति में देश से बाहर नहीं भेजेगा। परमाणु कार्यक्रम को लेकर बना यह गतिरोध अब सैन्य टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा है। ईरान द्वारा अपना हवाई क्षेत्र बंद करना इस बात का प्रबल संकेत है कि वह किसी भी समय अमेरिकी हवाई हमलों या जवाबी कार्रवाई के लिए खुद को तैयार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इन दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ने की स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था और विशेषकर तेल बाजार पर इसके विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। वाशिंगटन में होने वाली अगले कुछ घंटों की हलचल यह तय करेगी कि खाड़ी क्षेत्र शांति की ओर बढ़ेगा या महाविनाश की ओर।
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