Uttarakhand: वर्षाकाल से पूर्व पूरे किए जाएं बाढ़ सुरक्षा कार्य सचिव विनोद कुमार सुमन ने खटीमा में लिया जायजा – The Hill News

Uttarakhand: वर्षाकाल से पूर्व पूरे किए जाएं बाढ़ सुरक्षा कार्य सचिव विनोद कुमार सुमन ने खटीमा में लिया जायजा

खटीमा। उत्तराखंड के सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने गुरुवार को ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मेलाघाट में जगबूढ़ा नदी के कारण हो रहे भू-कटाव का गंभीरता से संज्ञान लिया। सचिव ने स्थलीय निरीक्षण करते हुए नदी के तटों पर चल रहे और प्रस्तावित बाढ़ सुरक्षा कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले ही सभी अति-आवश्यक कार्यों को पूर्ण कर लिया जाए ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में जान-माल का नुकसान न हो।

निरीक्षण के दौरान विनोद कुमार सुमन ने जगबूढ़ा नदी के बहाव और उससे होने वाले कटाव का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधीक्षण अभियंता सिंचाई को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर भू-कटाव की स्थिति अधिक चिंताजनक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएं। सचिव ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे प्रभावित क्षेत्रों का तकनीकी सर्वे कर विस्तृत इस्टीमेट तैयार करें और उसे तत्काल शासन को भेजें ताकि बजट स्वीकृत कर काम आगे बढ़ाया जा सके।

दौरे के समय सचिव ने स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने नदी के बढ़ते कटाव से कृषि भूमि और घरों को होने वाले खतरे के बारे में सचिव को अवगत कराया। इसके पश्चात विनोद कुमार सुमन ने लोहियाहेड कैंप कार्यालय में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा प्रबंधन की रणनीति ऐसी होनी चाहिए जिससे बाढ़ आने से पहले ही बचाव के पुख्ता इंतजाम हों। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बाढ़ नियंत्रण का एक ठोस प्लान तैयार रखें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी कोस्तुभ मिश्र और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने सचिव को क्षेत्र की संवेदनशील स्थितियों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल सीमा पर जगबूढ़ा नदी से एसएसबी चौकी और मेलाघाट सिसैया गांव के अस्तित्व को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार और अन्य बाढ़ रोधी उपाय किए जाने अत्यंत आवश्यक हैं। इसके अलावा, मोहम्मदपुर भुड़िया क्षेत्र में देवहा नदी के कारण हो रहे कटाव को रोकने के लिए भी विशेष बाढ़ सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता है।

सचिव आपदा प्रबंधन ने अधिकारियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद आश्वासन दिया कि इन सभी प्रस्तावों पर शासन स्तर से हर संभव और त्वरित सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप आपदा से पूर्व सुरक्षा चक्र को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि वे बाढ़ संभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी करें और किसी भी आपात स्थिति के लिए राहत एवं बचाव दल को तैयार रखें। खटीमा और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए शासन पूरी तरह गंभीर है

 

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