Punjab: चंडीगढ़ में ईंधन की कमी के कारण पेट्रोल पंपों ने बिक्री के लिए तय की नई सीमा – The Hill News

Punjab: चंडीगढ़ में ईंधन की कमी के कारण पेट्रोल पंपों ने बिक्री के लिए तय की नई सीमा

चंडीगढ़। शहर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में आ रही बाधाओं को देखते हुए स्थानीय पेट्रोल पंपों ने एहतियात के तौर पर एक बड़ा फैसला लिया है। ईंधन की कमी और भविष्य में संभावित संकट से बचने के लिए कुछ पेट्रोल पंपों पर वाहनों में तेल भरवाने की एक निश्चित सीमा तय कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब शहरवासियों को अपनी जरूरत के हिसाब से नहीं, बल्कि निर्धारित कोटे के तहत ही पेट्रोल और डीजल मिल सकेगा।

नई व्यवस्था के तहत अब दोपहिया वाहनों यानी बाइक और स्कूटर में एक बार में अधिकतम 500 रुपये तक का ही पेट्रोल भरा जा रहा है। वहीं, कारों और अन्य चौपहिया वाहनों के लिए यह सीमा 1500 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि, इस संबंध में चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से अब तक कोई भी आधिकारिक आदेश या गाइडलाइन जारी नहीं की गई है, लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों ने निजी स्तर पर यह कदम उठाना शुरू कर दिया है। सेक्टर-17 स्थित पेट्रोल पंप पर इस नई व्यवस्था से संबंधित पोस्टर भी चिपका दिए गए हैं, ताकि आने वाले ग्राहकों को पहले ही स्थिति की जानकारी मिल जाए।

पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मुख्य तेल डिपो से होने वाली सप्लाई में भारी गिरावट आई है। जितनी मांग शहर में रहती है, उसके मुकाबले काफी कम ईंधन की खेप पहुंच रही है। ऐसे में संचालकों का मानना है कि यदि किसी एक वाहन में ही फुल टैंक तेल भर दिया गया, तो स्टॉक बहुत जल्दी खत्म हो सकता है। इस समस्या से बचने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राशनिंग का यह तरीका अपनाया गया है। पंप प्रबंधकों का तर्क है कि इस सीमित वितरण से किसी भी व्यक्ति को पूरी तरह खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा और आपातकालीन जरूरतों के लिए सभी के पास पर्याप्त तेल उपलब्ध रहेगा।

यह नई व्यवस्था रविवार से ही शहर के कई पेट्रोल पंपों पर प्रभावी कर दी गई है। पंपों पर पहुंचने वाले ग्राहकों को कर्मचारियों द्वारा पहले ही सूचित किया जा रहा है कि वे तय सीमा से अधिक राशि का तेल नहीं ले सकते। इसके साथ ही, सुरक्षा कारणों और स्टॉक को बचाने के लिए अब बोतलों या डिब्बों में खुला पेट्रोल और डीजल देना भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि केवल वाहनों की टंकी में ही तेल भरा जाए।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा हुआ था, जिससे जनता पहले ही आर्थिक बोझ महसूस कर रही थी। अब आपूर्ति में आई इस कमी और सीमित बिक्री ने आम नागरिकों की चिंता को और बढ़ा दिया है। शहर के कुछ हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर सामान्य से अधिक भीड़ भी देखी जा रही है, क्योंकि लोग स्टॉक खत्म होने के डर से जल्द से जल्द तेल भरवाना चाहते हैं। फिलहाल, यह साफ नहीं है कि तेल की यह किल्लत कब तक बनी रहेगी और प्रशासन इस मामले में कब हस्तक्षेप करेगा। जब तक तेल की आपूर्ति दोबारा पटरी पर नहीं लौटती, तब तक शहरवासियों को इसी सीमित व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाना होगा।

 

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