Uttarakhand: मेधावी छात्र सम्मान समारोह में बोले पुष्कर सिंह धामी सफलता के लिए कड़ा परिश्रम और आत्मविश्वास जरूरी – The Hill News

Uttarakhand: मेधावी छात्र सम्मान समारोह में बोले पुष्कर सिंह धामी सफलता के लिए कड़ा परिश्रम और आत्मविश्वास जरूरी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदेश के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। अमर उजाला द्वारा आयोजित इस मेधावी छात्र सम्मान समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। देश और प्रदेश की उन्नति पूरी तरह से युवाओं की प्रतिभा, उनकी कड़ी मेहनत और उनके संकल्पों पर निर्भर करती है।

पुष्कर सिंह धामी ने इस सराहनीय पहल के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने से न केवल उनकी प्रतिभा को पहचान मिलती है, बल्कि इससे दूसरे छात्रों को भी भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन पर प्रसन्नता जाहिर की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रदेश की बेटियों के शानदार परीक्षा परिणामों की सराहना करते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा उदाहरण है।

विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि जीवन में सफल होने का कोई ‘शॉर्टकट’ नहीं होता है। उन्होंने कहा कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास ही वह चाबी है जिससे सफलता का द्वार खुलता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी निष्ठा, समर्पण और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में देखना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एक बच्चे के भविष्य को आकार देने में माता-पिता और गुरुजनों का योगदान सबसे बड़ा होता है। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का सच्चा शिल्पकार बताते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के मूल्य भी समाहित करते हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में डिजिटल लर्निंग, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूरा करने में शिक्षित और आत्मनिर्भर युवा शक्ति की सबसे बड़ी भूमिका होगी।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। धन सिंह रावत ने जानकारी दी कि बोर्ड परीक्षाओं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 28 प्रतिशत विद्यार्थी हैं, जबकि 12 प्रतिशत विद्यार्थियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत अब उत्तराखंड के छात्रों को वैदिक गणित, रामायण, महाभारत और प्रदेश की समृद्ध संस्कृति व आध्यात्मिकता का ज्ञान भी दिया जा रहा है। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि उत्तराखंड ने स्कूली शिक्षा की राष्ट्रीय रैंकिंग में देश के शीर्ष 10 राज्यों में स्थान प्राप्त कर लिया है। इस गरिमामय समारोह में अपर सचिव बंशीधर तिवारी और अमर उजाला के संपादक अनूप बाजपेयी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

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