Uttarakhand: उत्तराखंड में अपराधियों के विरुद्ध ऑपरेशन प्रहार जारी अब तक 1400 से अधिक गिरफ्तार और हजारों पर कार्रवाई – The Hill News

Uttarakhand: उत्तराखंड में अपराधियों के विरुद्ध ऑपरेशन प्रहार जारी अब तक 1400 से अधिक गिरफ्तार और हजारों पर कार्रवाई

देहरादून, 15 मई। उत्तराखंड में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस का अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ पूरी तीव्रता के साथ जारी है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इस राज्यव्यापी विशेष अभियान की विस्तृत समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस अधिकारियों सहित सभी जनपदों के कप्तान, एसटीएफ और जीआरपी के अधिकारी शामिल हुए। समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया गया कि प्रदेश की सुरक्षा और शांति व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई भविष्य में और अधिक दृढ़ता से जारी रहेगी।

विगत एक माह से संचालित इस अभियान के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तराखंड पुलिस को बड़ी सफलताएं मिली हैं। अब तक प्रदेश भर में 1,400 से अधिक वांछित, फरार और इनामी अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से 40 अभियुक्तों को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है, जबकि 130 से ज्यादा लोगों पर गुण्डा एक्ट लगाकर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही अवैध हथियारों के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए पुलिस ने 66 अवैध शस्त्र बरामद किए हैं और इनकी सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है।

अभियान के दौरान पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बड़ी सफलताएं अर्जित की हैं। ऊधमसिंहनगर में पुलिस ने भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा को गिरफ्तार किया, जिनके तार आतंकी संगठन ‘अल बदर’ से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। वहीं, एसटीएफ ने देहरादून से विक्रांत कश्यप नामक व्यक्ति को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा, जो पाकिस्तानी आतंकी संगठन ‘अल बरक ब्रिगेड’ के संपर्क में था। इसके अलावा, फर्जी दस्तावेजों के सहारे राज्य में अवैध रूप से रह रहे 3 बांग्लादेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है।

सार्वजनिक सुरक्षा और सत्यापन की दिशा में पुलिस ने सघन कार्य किया है। किराये के मकानों, मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स, धर्मशालाओं और आश्रमों में रहने वाले लगभग 40,000 संदिग्धों का सत्यापन किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 4,000 से अधिक असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही, बार, पब, स्पा और होटलों की जांच के दौरान 1,200 से अधिक लोगों पर विधिक कार्रवाई की गई। यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर भी सख्ती दिखाई गई, जिसके तहत 15,000 से अधिक वाहनों के चालान किए गए और 2,000 वाहनों को सीज किया गया है।

वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए साइबर सेल ने विशेष भूमिका निभाई है। यात्रा पंजीकरण और हेली टिकट बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले 200 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक ब्लॉक किए गए हैं और 50 संदिग्ध मोबाइल नंबर बंद कराए गए हैं। संगठित ठगी में लिप्त 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 मोबाइल धारकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि अपराधियों की धरपकड़ और सत्यापन का यह अभियान आने वाले दिनों में और अधिक प्रभावी ढंग से चलता रहेगा। इस बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन, ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक विम्मी सचदेवा, कृष्ण कुमार वी.के., नीलेश आनन्द भरणे, राजीव स्वरूप, सुनील कुमार मीणा और धीरेन्द्र गुंज्याल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

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