चंडीगढ़। पंजाब सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए अपनी कल्याणकारी योजनाओं की गति बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य केंद्र ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ की प्रगति की बारीकी से जांच करना था। वित्त मंत्री ने कार्यों में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए और विकास के अगले चरण की तैयारी बिना किसी बाधा के शुरू की जाए।
प्रथम चरण की समयबद्धता पर जोर
बैठक के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने राज्य के सभी उपायुक्तों को कड़े निर्देश दिए कि वे ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ के पहले चरण के तहत आवंटित सभी विकास कार्यों को एक निश्चित और तय समय सीमा के भीतर पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी जनता के हितों के साथ समझौता है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का संकल्प पंजाब के बुनियादी ढांचे और जन सुविधाओं को बेहतर बनाना है, जिसके लिए पहले चरण की समय पर सफलता अनिवार्य है।
दूसरे चरण की तत्काल शुरुआत और रिपोर्टिंग
विकास की निरंतरता को बनाए रखने के लिए वित्त मंत्री ने अधिकारियों को दूसरे चरण की परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तुरंत प्रभाव से शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने जिला प्रमुखों से कहा कि वे अब तक हुई प्रगति की एक विस्तृत, स्पष्ट और पारदर्शी रिपोर्ट तैयार करें। इस रिपोर्ट में हर विकास पहल की वर्तमान और सटीक स्थिति का उल्लेख होना चाहिए ताकि सरकार के पास जमीनी हकीकत का पूरा विवरण मौजूद रहे और आगामी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
प्रशासनिक लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
वित्त मंत्री ने उन जिलों और विभागों की कार्यप्रणाली के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की जहां पहले चरण के कार्य अभी तक शुरू भी नहीं हो पाए हैं। प्रशासनिक सुस्ती और ढिलाई को गंभीरता से लेते हुए हरपाल सिंह चीमा ने संबंधित अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं अभी तक लंबित हैं, उन्हें तत्काल धरातल पर उतारा जाए। यदि कार्यों की शुरुआत और उन्हें पूरा करने में भविष्य में फिर से लापरवाही पाई गई, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
फील्ड विजिट और गुणवत्ता की कड़ी निगरानी
केवल कार्यालयों में बैठकर कागजी रिपोर्ट देखने के बजाय, वित्त मंत्री ने उपायुक्तों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों और कार्य क्षेत्रों का दौरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जाकर ही काम की वास्तविक गति और इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता का सही आकलन किया जा सकता है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि विकास कार्य न केवल तेज गति से हों, बल्कि वे निर्धारित सरकारी मानकों के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाले भी होने चाहिए।
आधिकारिक पोर्टल पर दैनिक अपडेट अनिवार्य
प्रशासनिक तंत्र को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रही सभी विकास परियोजनाओं की दैनिक प्रगति रिपोर्ट को आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर अपडेट करना अब अनिवार्य होगा। इस रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से उच्चाधिकारी किसी भी समय किसी भी प्रोजेक्ट की स्थिति देख सकेंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि कार्यों की प्रभावी निगरानी भी संभव हो सकेगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक के माध्यम से पंजाब सरकार ने यह साफ कर दिया है कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ को राज्य के स्वर्णिम भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है, और अब वित्त विभाग ने इसकी सीधी और कड़ी निगरानी शुरू कर दी है ताकि जनता को इन योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।