TN: तमिलनाडु में सरकार बनाने की कवायद तेज विजय ने राज्यपाल से की मुलाकात – The Hill News

TN: तमिलनाडु में सरकार बनाने की कवायद तेज विजय ने राज्यपाल से की मुलाकात

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख विजय अब सत्ता की चाबी हासिल करने के बेहद करीब हैं। हालांकि, बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से 10 सीट दूर होने के कारण राज्य में सियासी समीकरणों और समर्थन के खेल ने ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ से लेकर तीखी बयानबाजी तक का माहौल गरमा दिया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए चेन्नई के जवाहर लाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह की प्रारंभिक तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

राज्यपाल से मुलाकात और सरकार बनाने का दावा

टीवीके प्रमुख विजय गुरुवार सुबह करीब 11 बजे तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मिलने लोक भवन पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, इस औपचारिक मुलाकात के दौरान उन्होंने चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया है। विजय को फिलहाल कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिल चुका है, जिससे उनकी संख्या 113 हो गई है, लेकिन बहुमत सिद्ध करने के लिए उन्हें अब भी पांच और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। राज्यपाल के साथ इस बैठक को राज्य की भावी राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वीआईपी सुरक्षा और सरकारी काफिले से इनकार

अपनी सादगी और जनता के प्रति झुकाव का संदेश देते हुए विजय ने मुख्यमंत्री बनने से पहले उन्हें मिलने वाली आधिकारिक सुरक्षा और पुलिस काफिले की गाड़ियों को लेने से मना कर दिया है। प्रोटोकॉल के तहत पुलिस विभाग ने उन्हें मुख्यमंत्री स्तर का काफिला उपलब्ध कराया था, लेकिन विजय ने उन चार गाड़ियों को वापस भेज दिया। उन्होंने पार्टी के माध्यम से साफ किया है कि वह पूर्ण बहुमत के साथ औपचारिक रूप से शपथ लेने के बाद ही सरकारी सुरक्षा स्वीकार करेंगे। यहां तक कि राज्यपाल से मिलने के लिए भी वह सरकारी वाहन के बजाय अपने निजी वाहन से ही लोक भवन पहुंचे।

एआईएडीएमके की बाड़ेबंदी और समर्थन पर रुख

राज्य की राजनीति में हलचल तब और बढ़ गई जब एआईएडीएमके ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी के एक होटल में भेज दिया। पार्टी प्रवक्ता कोवई सत्यन ने इसकी पुष्टि की, हालांकि उन्होंने विधायकों की संख्या और इस कदम के पीछे के कारणों को गुप्त रखा है। वहीं, एआईएडीएमके के उप महासचिव ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर टीवीके को समर्थन नहीं देगी और गठबंधन की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। वर्तमान में एआईएडीएमके के पास 47 सीटें हैं और वह अपने कुनबे को एकजुट रखने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस की शर्त और डीएमके की नाराजगी

कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान तो किया है, लेकिन इसके साथ एक कड़ी शर्त भी जोड़ दी है। तमिलनाडु कांग्रेस समिति का कहना है कि वे विजय का साथ तभी देंगे जब टीवीके किसी भी ऐसी सांप्रदायिक ताकत से हाथ नहीं मिलाएगी जो भारतीय संविधान में विश्वास नहीं रखती। इस फैसले पर डीएमके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डीएमके प्रवक्ता टीकेएस इलंगोवन ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में टीवीके के खिलाफ लड़ी थी और अब जनादेश स्वीकार करने के बजाय उनके साथ खड़ी हो गई है। डीएमके का दावा है कि कांग्रेस की खराब स्थिति के लिए टीवीके ही जिम्मेदार है।

वीसीके और वाम दलों का रुख अभी भी अनिश्चित

वीसीके नेता तोल तिरुमावलवन ने कहा है कि जनता ने विजय को सरकार बनाने का अवसर दिया है, लेकिन टीवीके के पास अभी पूर्ण बहुमत नहीं है। इसी कारण विजय ने कांग्रेस के अलावा वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल से भी समर्थन मांगा है। हालांकि कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है, लेकिन वीसीके और वाम दलों ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। तिरुमावलवन के अनुसार, वे जल्द ही अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे और उसके बाद ही टीवीके को समर्थन देने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इन दलों का फैसला ही राज्य में नई सरकार की स्थिरता तय करेगा।

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