चंडीगढ़। राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने मंगलवार को राष्ट्रपति से मुलाकात कर पंजाब
की वर्तमान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चड्ढा ने आरोप लगाया कि पंजाब में
इस समय राजनीतिक प्रतिशोध का माहौल चरम पर है और जो भी सरकार की नीतियों या
कार्यप्रणाली का विरोध कर रहा है, उसे जानबूझकर निशाना बनाया जा
रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है और
दावा किया है कि उन्हें इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला है। इसी
घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान का भी राष्ट्रपति से मिलने का
कार्यक्रम तय हुआ है।
राष्ट्रपति भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी
की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर एक अजीब दोहरा
मापदंड चल रहा है। चड्ढा के अनुसार, जब तक कोई नेता पार्टी के साथ रहता है,
उसे बेहद ईमानदार और स्वच्छ छवि का बताया जाता है, लेकिन जैसे ही वह पार्टी से अलग
होता है, उसे रातों-रात भ्रष्ट घोषित कर दिया जाता है। चड्ढा ने अफसोस जताते हुए
कहा कि जिस राजनीति को बदलने के संकल्प के साथ इस पार्टी का गठन हुआ था, आज वह
खुद उसी पुराने ढर्रे और बदले की भावना वाली राजनीति पर उतर आई है।
चड्ढा ने कुछ विशिष्ट उदाहरण पेश करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि
पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह जैसे व्यक्ति को देशद्रोही तक कह दिया गया और उनके
परिवार को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इतना ही नहीं, उद्योगपति
राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर सरकारी कार्रवाई करवाकर उन पर अनुचित
दबाव बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि संदीप पाठक के
विरुद्ध पूरी तरह से फर्जी प्राथमिकी दर्ज की गई है और सरकारी एजेंसियों का
उपयोग करके राज्य में खौफ का माहौल तैयार किया जा रहा है।
राघव चड्ढा ने आशंका जताई कि अब उन्हें खुद भी निजी तौर पर निशाना बनाने की साजिश
रची जा रही है और उनके खिलाफ जल्द ही कोई झूठा मामला दर्ज किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों पर भी इस समय भारी दबाव
है। अधिकारियों को नियम विरुद्ध काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और बात न
मानने पर उन्हें सस्पेंशन या ट्रांसफर की धमकियां दी जा रही हैं। चड्ढा के अनुसार,
यह प्रशासनिक व्यवस्था के पतन का एक गंभीर संकेत है।
राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा करते हुए चड्ढा ने कहा कि भाजपा आज 21 राज्यों में
सत्ता में है, जबकि आम आदमी पार्टी के पास केवल एक ही राज्य है। उन्होंने
चेतावनी दी कि यदि इस तरह की बदले की राजनीति का चलन शुरू हुआ, तो इसके परिणाम
लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भयावह हो सकते हैं। पंजाब की मौजूदा स्थिति
पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की सरकार अब कुछ ही महीनों की
मेहमान है क्योंकि राज्य के व्यापारी और सामान्य नागरिक अब असुरक्षित महसूस कर
रहे हैं। चड्ढा ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति को सौंपी गई जानकारी के बाद
इस अराजकता पर लगाम लगेगी।
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