Uttarakhand: ऋषिकेश में बिजली लाइनें होंगी भूमिगत और केंद्र ने उत्तराखंड को दिए पांच सौ करोड़ से अधिक – The Hill News

Uttarakhand: ऋषिकेश में बिजली लाइनें होंगी भूमिगत और केंद्र ने उत्तराखंड को दिए पांच सौ करोड़ से अधिक

देहरादून। उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक शहर ऋषिकेश में बिजली की लाइनों को भूमिगत करने के लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। केंद्रीय विद्युत एवं आवासन और शहरी कार्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी है। इस योजना के तहत ऋषिकेश के साथ-साथ देहरादून और हरिद्वार के बिजली तंत्र को भी तकनीक से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है।

ऋषिकेश में भूमिगत केबलिंग के लिए 489 करोड़
केंद्र सरकार ने आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत ऋषिकेश शहर में बिजली वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए 489 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की है। इस राशि का मुख्य उपयोग शहर के भीतर फैली बिजली की हवाओं और तारों के जाल को हटाकर उन्हें जमीन के भीतर बिछाने (अंडरग्राउंड केबलिंग) में किया जाएगा। इस कदम से न केवल ऋषिकेश की बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और निर्बाध होगी, बल्कि गंगा कॉरिडोर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को भी एक नया आयाम मिलेगा। तारों के हटने से शहर का दृश्य और अधिक आकर्षक हो जाएगा, जो पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तीन शहरों में लागू होगी स्काडा तकनीक
बिजली व्यवस्था को आधुनिक और हाईटेक बनाने के लिए केंद्र ने 59 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी स्वीकृत की है। इस बजट का उपयोग ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून जैसे महत्वपूर्ण शहरों में ‘सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन’ (स्काडा) प्रणाली को लागू करने में किया जाएगा। यह एक ऐसी उन्नत तकनीक है जिसके माध्यम से बिजली वितरण, डाटा प्रबंधन और निगरानी का कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा सकेगा। इसके तहत एससीएडीए, डीएमएस और ओएमएस प्रणालियां स्थापित की जाएंगी, जिससे बिजली कटौती का पता लगाने और उसे तुरंत ठीक करने में सहायता मिलेगी।

कुंभ मेला और अवस्थापना विकास को मिलेगी गति
पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से भविष्य में हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र में आयोजित होने वाले कुंभ मेले जैसे विशाल आयोजनों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार होगा। बिजली की लाइनों का भूमिगत होना भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से भी अनिवार्य था। यह परियोजना उत्तराखंड को एक आधुनिक और ऊर्जा-कुशल राज्य बनाने के संकल्प को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने दिए शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश
बजट की स्वीकृति मिलते ही मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन जल्द से जल्द और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखें। मुख्यमंत्री का मानना है कि बिजली लाइनों के भूमिगत होने और स्काडा तकनीक के लागू होने से प्रदेश के राजस्व में भी सुधार होगा और बिजली चोरी जैसी समस्याओं पर लगाम लगाई जा सकेगी।

केंद्र सरकार की यह सौगात उत्तराखंड के शहरी विकास और विद्युत सुधारों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। ऋषिकेश जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के धार्मिक स्थल पर इस तरह के निवेश से न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ होगा, बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटकों के बीच भी शहर की एक आधुनिक छवि उभरेगी। आने वाले समय में देहरादून और हरिद्वार के निवासियों को भी इस स्मार्ट ग्रिड तकनीक का सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

 

Pls read:Uttarakhand: केदारनाथ यात्रा की सुरक्षा और स्वच्छता पर आयुक्त का विशेष जोर रात्रि आवागमन पर लगा प्रतिबंध

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *