Uttarakhand: केदारनाथ यात्रा की सुरक्षा और स्वच्छता पर आयुक्त का विशेष जोर रात्रि आवागमन पर लगा प्रतिबंध – The Hill News

Uttarakhand: केदारनाथ यात्रा की सुरक्षा और स्वच्छता पर आयुक्त का विशेष जोर रात्रि आवागमन पर लगा प्रतिबंध

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए
प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और आईजी
गढ़वाल राजीव स्वरूप ने रुद्रप्रयाग पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं की
व्यापक समीक्षा की। बैठक में नोडल अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और
व्यापार मंडल के साथ संवाद कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। आयुक्त
ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें
किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यात्रा संचालन और अब तक के आंकड़े
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बैठक में बताया कि अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के
तहत 31 हजार से अधिक यात्रियों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई है। हवाई सेवाओं
का लाभ 11 हजार से अधिक लोगों ने उठाया है, जबकि बड़ी संख्या में यात्री पैदल और
घोड़ा-खच्चर के माध्यम से धाम पहुंच रहे हैं। वर्तमान में 8 हजार से अधिक
घोड़ा-खच्चर पंजीकृत हैं और उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही
है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी अमल
में लाई जा रही है।

स्वच्छता और रात्रि आवागमन पर निर्देश
गढ़वाल आयुक्त ने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट को नियमित रैंडम चेकिंग के निर्देश दिए
हैं। शौचालयों में पानी और सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा
गया है। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा मार्ग पर रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक
पैदल और वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल आवश्यक सेवाओं
से जुड़े वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। आयुक्त ने कहा कि इस नियम का उल्लंघन
करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

भ्रामक खबरों और पारदर्शिता पर लगाम
सोशल मीडिया पर यात्रा से संबंधित भ्रामक खबरों और अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आयुक्त ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के
निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी गलत जानकारी का तत्काल खंडन करते
हुए विभाग अपना आधिकारिक पक्ष जारी करे। इसके अलावा, हेली टिकटों की कालाबाजारी
रोकने के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि टिकटों
की बिक्री निर्धारित दरों पर ही हो और यात्रियों से कोई अतिरिक्त वसूली न की जाए।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हेली कंपनियों की सतत निगरानी की जाएगी।

सुरक्षा ऑडिट और स्थानीय सुझाव
धाम क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के लिए विशेष फायर ऑडिट कराने और आवश्यक उपकरण जुटाने के लिए पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर को 5
लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। बैठक में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने
भी स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मार्गों के डामरीकरण,
पार्किंग निर्माण और साइन बोर्ड लगाने की मांग की। जिलाधिकारी ने
आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर प्रमुख मार्गों पर साइन बोर्ड लगा
दिए जाएंगे।

प्रतिकूल मौसम के लिए विशेष प्रोटोकॉल

आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया क केदारनाथ धाम में किसी भी स्थिति में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मौसम की चुनौतियों को देखते हुए उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को
अधिकार दिए हैं कि यदि मौसम खराब होता है, तो यात्रियों की सुरक्षा के लिए
यात्रा को 2 से 3 घंटे के लिए रोका जा सकता है। उन्होंने स्वयं ऋषिकेश से
रुद्रप्रयाग तक के मार्ग का निरीक्षण किया और बताया कि वे जल्द ही
सोनप्रयाग और गौरीकुंड का स्थलीय निरीक्षण कर यात्रियों से सीधा संवाद करेंगे।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावतसहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन हेतु कड़े निर्देश दिए गए।

 

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