चंडीगढ़। पंजाब के सियासी गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब हाल ही में आम
आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा
सदस्य संदीप पाठक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की खबर सामने आई। प्राप्त
जानकारी के अनुसार, पंजाब पुलिस ने संदीप पाठक के खिलाफ राज्य के दो अलग-अलग
जिलों में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। बताया जा रहा है कि ये मामले
अत्यंत गंभीर और गैर जमानती धाराओं के अंतर्गत पंजीकृत किए गए हैं।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण पर पंजाब पुलिस के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने
अब तक आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के हवाले से यह खबर
तेजी से फैल रही है।
संदीप पाठक द्वारा पाला बदलने के ठीक बाद हुई इस कार्रवाई ने राज्य में एक नई
राजनीतिक जंग छेड़ दी है। जैसे ही इन मामलों की जानकारी सार्वजनिक हुई,
विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। विपक्षी नेताओं
ने इस कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए इसे सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध से
जोड़ना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता पक्ष और
विपक्ष के बीच पहले से जारी तल्खी इस घटना के बाद और अधिक बढ़ सकती है।
इस पूरे विवाद के बीच संदीप पाठक ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया का सहारा
लिया। उन्होंने अपने आधिकारिक संदेश में लिखा कि उनके लिए देश हमेशा सर्वोपरि
रहा है और वह भविष्य में भी राष्ट्रहित के कार्यों में पूरी निष्ठा के साथ जुटे
रहेंगे। यद्यपि उन्होंने अपने ऊपर दर्ज हुए मुकदमों के तथ्यों या आरोपों पर कोई
सीधी टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनके इस संक्षिप्त बयान को उनके अडिग रुख और
कानूनी लड़ाई के लिए तैयार रहने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया
है। भाजपा के प्रदेश कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने इस घटनाक्रम की कड़ी
निंदा की है। उन्होंने कहा कि संदीप पाठक के खिलाफ गैर जमानती धाराओं का
उपयोग कर केस दर्ज करना न केवल गंभीर है, बल्कि यह लोकतंत्र के लिए एक खतरे
की घंटी है। अश्वनी शर्मा ने वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
प्रशासन अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रहा है और पुलिस विभाग को एक राजनीतिक
हथियार के रूप में इस्तेमाल किया रहा है।
अश्वनी शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि यह पूरी कार्रवाई केवल राजनीतिक द्वेष और बदला
लेने की भावना से की गई है, तो भाजपा इसका हर स्तर पर कड़ा विरोध करेगी।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच
होनी चाहिए ताकि जनता के सामने सच आ सके। फिलहाल, पंजाब की राजनीति में इस
मुद्दे ने एक बड़ा भूचाल ला दिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक
गहराने की संभावना है। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच की दिशा ही अब
इस मामले का अगला रुख तय करेगी।