सतोश (संगरूर)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को अपने पैतृक गांव
सतोश के दौरे के दौरान राज्य की कृषि व्यवस्था और जल संरक्षण को लेकर एक दूरदर्शी
रोडमैप पेश किया। उन्होंने राज्य के किसानों से अपील की कि वे भूजल के अत्यधिक
दोहन को रोकें और सिंचाई के लिए पूरी तरह नहरी पानी पर निर्भरता बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि धान के आगामी
सीजन के लिए 1 मई से ही नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा। पंजाब के इतिहास में यह
पहली बार है जब धान की बुवाई के लिए इतनी जल्दी नहरी पानी उपलब्ध कराया जा रहा
है।
अपने संबोधन में भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का अस्तित्व इसके जल संसाधनों से
जुड़ा है और इन्हें सुरक्षित रखना केवल सरकारी नीति नहीं बल्कि एक नैतिक
जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि नहरों के नेटवर्क में 21,000
क्यूसेक पानी पहले ही छोड़ा जा चुका है, जो दो भाखड़ा नहरों की क्षमता
के बराबर है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पंजाब के पानी पर केवल यहां के
किसानों का अधिकार है और इसका एक भी कतरा किसी दूसरे राज्य या पाकिस्तान की
ओर नहीं जाने दिया जाएगा।
सिंचाई के बुनियादी ढांचे पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च 2026
से अब तक राज्य में 6,700 करोड़ रुपये सिंचाई परियोजनाओं पर खर्च किए गए हैं।
इसके तहत लगभग 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और जलमार्ग बिछाए जा चुके
हैं। धान के सीजन की शुरुआत से पहले 4,000 किलोमीटर अतिरिक्त जलमार्ग
और 3,000 किलोमीटर पाइपलाइनें सक्रिय हो जाएंगी। भूजल स्तर को सुधारने के लिए
नहरों के साथ-साथ हर 20 मीटर की दूरी पर रिचार्ज पॉइंट भी तैयार किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने एक और क्रांतिकारी सुधार की घोषणा करते हुए कहा कि खेतों के ऊपर से
गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली की तारों को अब जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) बिछाया
जाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत उनके पैतृक गांव सतोश से होगी, जिसमें
लगभग 2,000 एकड़ क्षेत्र के 1,100 बिजली खंभों और 413 ट्यूबवेलों को कवर
किया जाएगा। इससे न केवल मानवीय जान का खतरा टलेगा, बल्कि फसलों को होने वाले
नुकसान से भी राहत मिलेगी।
धार्मिक आस्था और कानून व्यवस्था पर बात करते हुए भगवंत सिंह मान ने ‘जागत जोत श्री
गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026’ के पारित होने को ऐतिहासिक कदम
बताया। उन्होंने कहा कि बेअदबी के दोषियों को अब कड़ी सजा भुगतनी होगी,
जिससे समाज में शांति और भाईचारा बना रहे। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार
समाज के हर वर्ग के उत्थान और पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने के
लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से भावुक अपील करते हुए
कहा कि आज पानी की हर बूंद बचाना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना
है।
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