चंडीगढ़। पंजाब की जेलों से अपना नेटवर्क चलाने वाला कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए विवादों के केंद्र में आ गया है। रंगदारी और हत्या के मामलों में संलिप्तता के बाद अब बिश्नोई पर क्रिकेट सट्टेबाजी के काले कारोबार में शामिल होने के आरोप लग रहे हैं। एक विदेशी चैनल की डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि बिश्नोई गैंग का जाल कनाडा की क्रिकेट टीम तक फैला हुआ है। इस अंतरराष्ट्रीय खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
इसी बीच, ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर 27 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली डॉक्यू-सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ ने इस पूरे मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। राघव डार के निर्देशन में बनी इस सीरीज का ट्रेलर 20 अप्रैल को सार्वजनिक किया गया था, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई के छात्र राजनीति से लेकर एक खूंखार अपराधी बनने तक के सफर को दिखाया गया है। इसमें बिश्नोई के डिजिटल सिंडिकेट और उसके वैश्विक नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की गई है। सीरीज में विशेषज्ञों और पंजाबी कलाकारों के साक्षात्कार भी शामिल हैं, जो पंजाब की वर्तमान सामाजिक स्थिति और बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान सीएनबीसी और कनाडा ब्रॉडकास्ट की ताजा रिपोर्ट्स ने इन दावों को और बल दिया है। इन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रभाव भारत की सीमाओं से बाहर निकलकर विदेशों में चल रहे सट्टेबाजी सिंडिकेट तक पहुंच चुका है। जांच एजेंसियों के हवाले से बताया गया है कि कनाडा की क्रिकेट टीम से जुड़े कुछ संदिग्ध व्यक्तियों और वित्तीय लेन-देन पर पिछले दो वर्षों से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर जांच जारी है।
दूसरी ओर, मनोरंजन जगत में भी बिश्नोई के जीवन पर आधारित प्रोजेक्ट्स की होड़ लगी हुई है। अक्टूबर 2024 में निर्माता अमित जानी ने ‘लॉरेंस- ए गैंगस्टर स्टोरी’ नामक वेब सीरीज की घोषणा की थी। अपराध की दुनिया को पर्दे पर उतारने की इस प्रवृत्ति ने राजनीतिक विवाद भी पैदा कर दिया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस प्रकार की फिल्मों और सीरीज का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अपराधियों और गैंगस्टरों का किसी भी रूप में महिमामंडन नहीं होना चाहिए। वड़िंग का मानना है कि ऐसा कंटेंट युवाओं के मानस पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और समाज में गलत संदेश प्रसारित करता है।
फिलहाल, ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ की रिलीज से पहले ही यह मामला मनोरंजन के दायरे से बाहर निकलकर कूटनीति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों तक पहुंच गया है। अब सभी की निगाहें 27 अप्रैल पर टिकी हैं, जब यह सीरीज दर्शकों के सामने होगी। देखना यह होगा कि यह सीरीज अपराध की जड़ों का खुलासा करती है या केवल विवादों को और हवा देने का काम करती है।