देहरादून, 16 अप्रैल 2026
उत्तराखंड में डिजिटल विकास की दिशा में नई संभावनाओं को बल देने में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर अहम भूमिका निभाता नजर आ रहा है। हाल ही में आयोजित इंडिया डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एंड अवॉर्ड कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे विशेषज्ञों ने इस एक्सप्रेस-वे को राज्य की डिजिटल प्रगति का मजबूत आधार बताया।
कार्यक्रम के दौरान कई सत्रों में यह बात सामने आई कि बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी राज्य के डिजिटल और औद्योगिक विकास की रीढ़ होती है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से राजधानी दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय घटकर करीब ढाई से तीन घंटे रह गया है, जिससे आवागमन अधिक सुगम और तेज हो गया है।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस बेहतर संपर्क व्यवस्था का असर अब साफ दिखने लगा है। कई प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हवाई यात्रा के बजाय सड़क मार्ग को प्राथमिकता दी। कुछ लोगों ने अपनी फ्लाइट तक रद्द कर दी और एक्सप्रेस-वे के जरिए देहरादून पहुंचे। इससे यह संकेत मिलता है कि नई सड़क परियोजना न केवल समय की बचत कर रही है, बल्कि यात्रा को अधिक सुविधाजनक भी बना रही है।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना था कि उत्तराखंड में डिजिटल उद्योग के विकास के लिए अनुकूल वातावरण पहले से मौजूद है, जिसे अब बेहतर कनेक्टिविटी का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि तेज और सुगम परिवहन व्यवस्था निवेश, तकनीकी गतिविधियों और विशेषज्ञों की आवाजाही को बढ़ावा देती है, जिससे राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होता है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि राज्य सरकार डिजिटल प्रगति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बेहतर बुनियादी ढांचे, नई तकनीकों को अपनाने और निवेश को आकर्षित करने की दिशा में उठाए जा रहे कदम आने वाले समय में उत्तराखंड को डिजिटल क्षेत्र में नई पहचान दिला सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि वे आर्थिक और तकनीकी विकास की रफ्तार को भी तेज करती हैं, जिसका सीधा लाभ राज्य को मिलना तय है।
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