नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने पिता योगराज सिंह द्वारा समय-समय पर दी गई विवादित टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह पहला अवसर है जब युवराज सिंह ने अपने पिता द्वारा पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और 1983 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल देव के विरुद्ध की गई बयानबाजी पर खुलकर अपनी बात रखी है।
युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह लंबे समय से महेंद्र सिंह धोनी पर यह आरोप लगाते रहे हैं कि उन्होंने युवराज को भारतीय टीम से बाहर करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, योगराज सिंह ने अपने स्वयं के क्रिकेट करियर के दौरान कपिल देव की भूमिका को लेकर भी कई बार कड़वे बयान दिए हैं। हालांकि युवराज ने अब तक इन मामलों पर चुप्पी साध रखी थी, लेकिन हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
युवराज सिंह ने कहा कि वह कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी से उनके पिता के व्यवहार के लिए क्षमा चाहते हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपने पिता योगराज सिंह को समझाया था कि इस प्रकार की बयानबाजी करना उचित नहीं है। इसी पॉडकास्ट में युवराज सिंह ने वर्तमान क्रिकेट सितारों विराट कोहली, रोहित शर्मा और ऋषभ पंत के साथ खेल से जुड़े विभिन्न तकनीकी और मानसिक पहलुओं पर भी लंबी चर्चा की।
गौरतलब है कि युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत ही भारत ने 2007 में टी-20 विश्व कप और 2011 में वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद युवराज अब अपना समय अन्य खेलों में भी बिता रहे हैं।
इसी कड़ी में युवराज सिंह को ‘इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग’ (आईजीपीएल) के दूसरे सीजन का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। 10 फ्रेंचाइजी टीमों के अनावरण के दौरान युवराज ने युवा क्रिकेटरों को एक विशेष सलाह दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेल के तनाव और मानसिक दबाव को कम करने के लिए कम उम्र से ही गोल्फ खेलना शुरू कर देना चाहिए।
युवराज ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि यदि उन्होंने भी अपने करियर के शुरुआती दिनों में गोल्फ खेलना शुरू किया होता, तो इससे उन्हें क्रिकेट की चुनौतियों और तनाव से निपटने में काफी मदद मिलती। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के विदेशी क्रिकेटर बचपन से ही गोल्फ खेलते हैं, जो उन्हें मानसिक रूप से शांत रखने में सहायक होता है। उन्होंने गोल्फ को तनाव से मुक्ति दिलाने वाला एक बेहतरीन खेल बताया।