Iran: तेहरान में पाकिस्तान दूतावास के निकट शक्तिशाली धमाका  

नई दिल्ली। ईरान की राजधानी तेहरान में चल रहे भीषण सैन्य संघर्ष के बीच गुरुवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। तेहरान के पासदरान जिले में स्थित पाकिस्तान दूतावास के अत्यंत निकट एक जोरदार विस्फोट हुआ। यह धमाका रात करीब आठ बजे हुआ, जिसने पूरे दूतावास परिसर को हिलाकर रख दिया। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की जा रही बमबारी का यह लगातार 28वां दिन था। इस हमले के दौरान पाकिस्तान के राजदूत मुदस्सिर टिप्पू और दूतावास के सभी कर्मचारी वहां मौजूद थे, लेकिन सौभाग्य से सभी सुरक्षित हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, विस्फोट इतना तीव्र था कि दूतावास की इमारत में तेज कंपन महसूस किया गया। हालांकि, दूतावास की मुख्य संरचना को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुंचा है। बताया जा रहा है कि यह हमला दूतावास के पास स्थित एक ईरानी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर किया गया था, जिसके कारण आसपास का पूरा आवासीय और राजनयिक क्षेत्र दहल उठा। पासदरान इलाका अपने सैन्य ठिकानों के कारण काफी संवेदनशील माना जाता है। इस घटना के तुरंत बाद दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

दूसरी ओर, खाड़ी क्षेत्र में तनाव की आग अब पड़ोसी देशों तक भी फैलने लगी है। शुक्रवार की सुबह कुवैत के प्रमुख व्यापारिक बंदरगाह, शुवैख पोर्ट पर एक संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ। कुवैत पोर्ट अथॉरिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि इस हमले में बंदरगाह के कमर्शियल हब को निशाना बनाया गया, जिससे वहां रखे माल और बुनियादी ढांचे को काफी क्षति पहुंची है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है। यह घटना दर्शाती है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहा यह संघर्ष अब पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

इन विध्वंसक घटनाओं के बीच पाकिस्तान कूटनीतिक मोर्चे पर भी सक्रिय नजर आ रहा है। पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के साथ मिलकर लगातार इस कोशिश में जुटा है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी तरह युद्धविराम कराया जा सके। पाकिस्तान ने दोनों देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बार-बार यह अपील की है कि युद्ध की स्थिति में भी वियना कन्वेंशन के तहत राजनयिक मिशनों और दूतावासों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तेहरान में बढ़ते खतरों के बावजूद पाकिस्तानी राजदूत मुदस्सिर टिप्पू और उनका स्टाफ अपने कर्तव्यों पर तैनात है और बिगड़ते हालात की पल-पल की निगरानी कर रहा है। यह संघर्ष न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को बिगाड़ रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी संकट में डाल रहा है।

 

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