नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष अब अपने चरम पर पहुंच गया है, जहां ईरान और इजरायल के बीच सीधी और विनाशकारी भिड़ंत देखने को मिल रही है। गुरुवार सुबह ईरान ने कुछ ही घंटों के अंतराल में इजरायल की ओर सात मिसाइलें दागीं, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम नौ लोग घायल हो गए। इस हमले के तुरंत बाद इजरायली सेना ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण नौसैनिक हथियार केंद्र को निशाना बनाकर उसे भारी नुकसान पहुंचाया है।
इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) के मुताबिक, यह हथियार केंद्र ईरानी नौसेना की सामरिक शक्ति का मुख्य आधार और उसकी रीढ़ था। यज्द में स्थित इस केंद्र का उपयोग न केवल उन्नत मिसाइलों के विकास के लिए किया जाता था, बल्कि यह उनके भंडारण का भी बड़ा केंद्र था। आईडीएफ ने जानकारी दी है कि जिन ठिकानों को ध्वस्त किया गया है, वहां ईरान द्वारा क्रूज जहाजों, पनडुब्बियों और हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ खतरनाक समुद्री बारूदी सुरंगों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता था।
इजरायल का यह आक्रामक कदम ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नौसेना कमांडर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या के ठीक एक दिन बाद सामने आया है। इजरायल का मानना है कि इस केंद्र की तबाही से ईरानी नौसेना की मिसाइल विकसित करने और नौसैनिक खदानें तैयार करने की क्षमता को गहरा आघात पहुंचा है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। इजरायल और अमेरिका द्वारा की जा रही बमबारी के बीच ईरान लगातार मिसाइलें दाग रहा है। गुरुवार सुबह इजरायल पर हुए हमलों के अलावा, ईरान खाड़ी के अन्य पड़ोसी देशों को भी निशाना बना रहा है। संयुक्त अरब अमीरात के मीडिया कार्यालय ने जानकारी दी है कि अबू धाबी में एक मिसाइल को नष्ट करने के बाद उसके मलबे की चपेट में आने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस घटना में कई रिहायशी इलाकों में खड़े वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
वर्तमान में मिडिल ईस्ट का पूरा इलाका भीषण तनाव की चपेट में है। जहां एक तरफ इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान के रणनीतिक ठिकानों को नष्ट करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान भी मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए लगातार पलटवार कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच जारी इस खूनी संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है, क्योंकि युद्ध का विस्तार अब तेल उत्पादक खाड़ी देशों की सीमाओं तक पहुंच चुका है। आगामी कुछ दिनों में इस टकराव के और अधिक उग्र होने की आशंका बनी हुई है।
Pls read:Iran: तेहरान में पाकिस्तान दूतावास के निकट शक्तिशाली धमाका