देहरादून। उत्तराखंड में मानसून और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में राज्य आपदा मोचन निधि और राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों को महत्वपूर्ण संस्तुति प्रदान की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षात्मक कार्यों को गति देना और बाढ़ नियंत्रण के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन से संबंधित कोई भी प्रस्ताव जनपद स्तरीय समिति की सिफारिश के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से ही प्रेषित किया जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग को नदियों की ड्रेजिंग और माइनिंग के लिए शीघ्र ही एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने को कहा। इसके अतिरिक्त, बाढ़ सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों को तकनीकी रूप से परखने के बाद ही समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने उन नदियों को चिह्नित करने पर जोर दिया जहां हर साल कटान होता है, ताकि उनके चैनलाईजेशन की स्थायी योजना तैयार की जा सके।
बैठक में विभिन्न जनपदों के लिए करोड़ों रुपये के प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई। इसमें नैनीताल के चार्टन लॉज में भू-स्खलन सुरक्षा के लिए 699.98 लाख रुपये और हरिद्वार में मनसा देवी हिल बाईपास रोड के ड्रेनेज व भू-स्खलन कार्यों के लिए 4124.83 लाख रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई। पिथौरागढ़ के धारचुला और खोटिला लैंड के ड्रेनेज व सुरक्षा कार्यों के लिए 3840.78 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। उत्तरकाशी के धराली पुल, पुरोला टैक्सी स्टैंड और हर्षिल मुखवा मार्ग के सुरक्षा कार्यों के लिए भी भारी बजट आवंटित किया गया है।
देहरादून जिले में रायपुर की डिफेंस कॉलोनी, डोईवाला की दुल्हनी नदी और कैंट क्षेत्र में टोंस नदी के किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण के प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली। वहीं, ऊधमसिंह नगर के सितारगंज में बैगुल नदी और जसपुर में फीका नदी से होने वाले बाढ़ के खतरों को कम करने के लिए सुरक्षात्मक कार्यों को मंजूरी दी गई। अल्मोड़ा के दुधौली बैंड में मार्ग सुरक्षा कार्य के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया।
समिति ने राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत विभिन्न मदों में कुल 34.00 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियों पर अपना अनुमोदन प्रदान किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन और संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का मानना है कि इन कार्यों के पूर्ण होने से आपदा के समय होने वाले जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा और स्थानीय निवासियों को सुरक्षा का वातावरण मिलेगा।