देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में पांच नए विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सुबह 10 बजे इन सभी नवनियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के बाद अब धामी कैबिनेट में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
जिन पांच विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है, उनमें हरिद्वार सीट से मदन कौशिक, रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी, रुड़की से प्रदीप बत्रा, राजपुर से खजान दास और भीमताल से राम सिंह कैड़ा शामिल हैं। राजनीतिक गलियारों में इस विस्तार को साल 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस कदम के जरिए धामी सरकार ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों, जातीय समीकरणों और युवाओं के बीच एक प्रभावी संतुलन बनाने की कोशिश की है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में साल 2022 में सरकार गठन के समय से ही मंत्रिमंडल में कई पद रिक्त चल रहे थे। उस समय मुख्यमंत्री के साथ केवल 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी और तीन पद खाली रखे गए थे। इसके बाद अप्रैल 2023 में तत्कालीन परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निधन से एक और सीट रिक्त हो गई थी। वहीं, मार्च 2025 में एक विवादित बयान के चलते तत्कालीन वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। इन रिक्तियों के कारण कुल पांच पद खाली पड़े थे, जिन्हें अब भर दिया गया है।
सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक तीन दिन पहले किया गया यह विस्तार मुख्यमंत्री के सधे हुए राजनीतिक कौशल को दर्शाता है। मदन कौशिक जैसे वरिष्ठ नेता के साथ-साथ भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, खजान दास और राम सिंह कैड़ा जैसे अनुभवी चेहरों को शामिल कर सरकार ने अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने का संकेत दिया है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन नए मंत्रियों को कौन से विभाग सौंपे जाते हैं। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से न केवल प्रशासन में तेजी आएगी बल्कि संगठन और सरकार के बीच तालमेल भी और बेहतर होगा। धामी ने इस विस्तार के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता आने वाले वर्षों में संतुलित विकास और प्रदर्शन पर केंद्रित रहेगी।
Pls read:Uttarakhand: पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की राजनीति में अस्थिरता के दौर को खत्म कर रचा नया इतिहास