खटीमा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा के भ्रमण पर रहे। इस दौरान उन्होंने नगला तराई और लोहियाहेड स्थित हेलीपैड क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री का यह दौरा मुख्य रूप से जनसंवाद और विकास कार्यों की समीक्षा पर केंद्रित रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मूल मंत्र ‘जनता की सेवा’ है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस अवसर पर मौजूद जनता की शिकायतों को न केवल सुना, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के लिए कड़े निर्देश भी जारी किए।
जनता के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
रविवार की सुबह जैसे ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा पहुंचे, स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा गया। नगला तराई और लोहियाहेड में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और सुझावों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिक बाधा के सीधे आम नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने लोगों के पास जाकर उनके मांग पत्र लिए और उनकी परेशानियों को विस्तार से समझा। खटीमा की जनता ने भी अपने विधायक और प्रदेश के मुखिया का गर्मजोशी से स्वागत किया और क्षेत्र के विकास के लिए उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
जनसमस्याओं पर अधिकारियों को सख्त निर्देश
संवाद के दौरान जनता ने बिजली, पेयजल, सड़क मरम्मत और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सम्मुख रखे। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर उपस्थित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है और उनकी समस्याओं का निराकरण करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि विकास योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान के लिए एक पारदर्शी और त्वरित कार्यप्रणाली अपनाई जाए ताकि जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सुशासन और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है और वे इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है और जो भी कर्मचारी या अधिकारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की मदद करना है और खटीमा सहित पूरे प्रदेश में इसी विजन के साथ काम किया जा रहा है।
प्रमुख जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में खटीमा और आसपास के क्षेत्रों के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका खटीमा के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, नानकमत्ता के प्रेम सिंह टूरना और दर्जा प्राप्त मंत्री अनिल कपूर डब्बू ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और क्षेत्र की विकास योजनाओं पर चर्चा की। इसके अलावा सतीश भट्ट सहित अन्य कई स्थानीय नेता भी इस दौरान मौजूद रहे।
प्रशासनिक स्तर पर भी इस दौरे को लेकर पूरी मुस्तैदी दिखाई दी। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की कानून व्यवस्था और चल रहे विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक भी की, जिसमें उन्होंने खटीमा में चल रहे बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
क्षेत्र के विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने भ्रमण के अंत में खटीमा की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खटीमा की पावन धरती ने उन्हें हमेशा प्यार और शक्ति प्रदान की है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने प्रशासनिक मशीनरी को भी जनता के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाने का संदेश दिया।
जनता के बीच जाकर उनकी पीड़ा सुनना और मौके पर ही समाधान के आदेश देना, मुख्यमंत्री की इसी कार्यशैली ने उन्हें प्रदेश भर में लोकप्रिय बनाया है। खटीमा के भ्रमण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुष्कर सिंह धामी सरकार जनता के सुझावों और फीडबैक को विकास का आधार मानती है। स्थानीय प्रशासन अब मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में जुट गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
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