Delhi: अठारह राज्यों में आंधी और बारिश का भारी अलर्ट मौसम के बदले मिजाज से भीषण गर्मी से मिली राहत

नई दिल्ली। उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में पिछले कई दिनों से समय से पहले दस्तक दे चुकी भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। मार्च के महीने में ही लोग मई और जून जैसी तपिश का सामना करने को मजबूर थे। हालांकि, पिछले एक-दो दिनों के भीतर कुदरत के बदलते मिजाज ने लोगों को बड़ी राहत दी है। दिल्ली-एनसीआर, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत देश के लगभग 18 राज्यों में मौसम विभाग ने आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से जहां पारे में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में उग्र हवाओं और आसमानी बिजली का खतरा भी मंडरा रहा है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग द्वारा सोमवार को जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, देश के पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय जैसे राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तराखंड के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में हवाओं का वेग काफी अधिक रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जो सामान्य जनजीवन और यातायात को प्रभावित कर सकती हैं।

अठारह राज्यों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का संकट
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, केवल पूर्वोत्तर ही नहीं बल्कि उत्तर और मध्य भारत के एक बड़े हिस्से पर बादलों का घेरा बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, बिहार, सिक्किम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में आसमानी बिजली की चमक के साथ तीव्र आंधी-तूफान आने की संभावना है। इन राज्यों के ग्रामीण और शहरी इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है।

चिंताजनक बात यह है कि बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कुल 18 राज्यों में केवल बारिश ही नहीं, बल्कि ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। ओले गिरने की इस आशंका ने विशेष रूप से किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि इस समय खेतों में खड़ी फसलों के लिए ओलावृष्टि काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है। बिजली कड़कने और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में सुहावना हुआ मौसम
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के नोएडा, गाजियाबाद व गुरुग्राम जैसे इलाकों में रविवार की सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी ने पूरे माहौल को बदल कर रख दिया। दिल्ली में मार्च के शुरुआती दिनों में ही जिस तरह से गर्मी का प्रकोप बढ़ा था, उससे लोग काफी परेशान थे। रविवार को हुई इस बारिश ने न केवल धूल को शांत किया, बल्कि बढ़ते पारे पर भी ब्रेक लगा दिया है, जिससे राजधानीवासियों को उमस और तपिश से बड़ी राहत मिली है।

दिल्ली के अलावा पंजाब और हरियाणा के विभिन्न जिलों में भी रविवार को बादल बरसे और हल्की बारिश दर्ज की गई। राजस्थान के उत्तरी इलाकों में भी मौसम बदला रहा और वहां कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी होने से तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर शुरू
मैदानी इलाकों में जहां बारिश का दौर जारी है, वहीं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में रविवार को ताजा हिमपात हुआ। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछने से नजारा तो खूबसूरत हो गया है, लेकिन इसके साथ ही दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। भारी बर्फबारी के कारण सामरिक रूप से महत्वपूर्ण श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है और इसे सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 21 मार्च तक रुक-रुक कर बर्फबारी और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

सिक्किम में प्रकृति का कहर और दुखद हादसा
मौसम के इस उग्र रूप ने सिक्किम में तबाही के निशान भी छोड़े हैं। रविवार की देर शाम सिक्किम के कई हिस्सों में अचानक मौसम ने रौद्र रूप धारण कर लिया और वहां विनाशकारी तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई। आंधी की गति इतनी तीव्र थी कि कई इलाकों में विशालकाय पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ कर सड़कों पर गिर गए। इसी दौरान एक दुखद घटना सामने आई, जहां रकडोंग काफर इलाके में एक भारी पेड़ गिरने की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुट गया है और प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, मौसम के इस बदलते स्वरूप ने जहां भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को सुकून दिया है, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने प्राकृतिक आपदा का डर भी पैदा कर दिया है। आने वाले सप्ताह में देश के एक बड़े हिस्से में बादलों की आवाजाही और आंधी-तूफान का असर बना रहने की उम्मीद है। विभाग ने मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने के लिए आगाह किया है।

 

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