नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश करने वाले एक शातिर नशा तस्कर को आखिरकार भारी मशक्कत के बाद दोबारा दबोच लिया गया। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से पकड़कर लाए गए इस आरोपित ने पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भागने का दुस्साहस किया, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, नाहन पुलिस की मुस्तैदी के कारण वह अधिक समय तक आजाद नहीं रह सका और चंद घंटों के भीतर ही उसे बस स्टैंड के समीप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूरी घटना उस समय हुई जब पुलिस आरोपित अब्दुल माजिद को कोर्ट के आदेशानुसार दोबारा कच्चा टैंक पुलिस चौकी ले जा रही थी। रास्ते में मौका देखते ही 24 वर्षीय अब्दुल माजिद ने सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को जोर का धक्का दिया और वहां से भाग निकला। इस घटना से पुलिस विभाग की काफी किरकिरी हुई, लेकिन तुरंत हरकत में आते हुए जिला पुलिस ने शहर के चारों ओर कड़ी नाकेबंदी कर दी। विशेष टीमों का गठन कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि आरोपित बस स्टैंड के पास छिपकर अंधेरा होने का इंतजार कर रहा था ताकि वह जिले की सीमा से बाहर निकल सके, लेकिन पुलिस की पैनी नजर से वह बच नहीं पाया।
अब्दुल माजिद के खिलाफ पुलिस थाना सदर नाहन में 15 जुलाई 2024 को एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। वह पिछले करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहा था और उसकी गिरफ्तारी विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। वह मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के छटेला गांव का निवासी है। आखिरकार हिमाचल पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर उसे 5 मार्च 2026 को उसके घर से गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी। गिरफ्तारी के अगले दिन उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 10 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
हिरासत से भागने की इस घटना को पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने बेहद गंभीरता से लिया है। ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित पुलिस कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, आरोपित अब्दुल माजिद के खिलाफ अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 262 के तहत कस्टडी से भागने का एक नया और कड़ा मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
अब आरोपित को पहले से भी अधिक कड़ी सुरक्षा के बीच रिमांड पर रखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की है कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर किया है, जिसे लेकर विभाग ने अब भविष्य में कैदियों की आवाजाही के दौरान अधिक सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल, आरोपित से नशा तस्करी के पुराने मामले में गहन पूछताछ जारी है।
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