देहरादून। उत्तराखंड के सीमांत जनपद चंपावत के एक छोटे से गांव से निकलकर अनुज पंत ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में अपनी सफलता का परचम लहराया है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित परीक्षा परिणामों में अनुज पंत ने अखिल भारतीय स्तर पर 69वीं रैंक हासिल की है। इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अनुज पंत को व्यक्तिगत रूप से फोन कर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
बाराकोट विकासखंड के अंतर्गत आने वाले झूलापे गांव के रहने वाले अनुज पंत ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान अनुज की सफलता को पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन और गरिमामयी परीक्षा में इतनी शानदार रैंक प्राप्त करना कोई सामान्य बात नहीं है। अनुज पंत की यह सफलता प्रदेश के हजारों उन युवाओं के लिए एक बड़े प्रेरणा स्रोत के रूप में काम करेगी जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं।
पुष्कर सिंह धामी ने रेखांकित किया कि अनुज पंत का भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के लिए चयन होना चंपावत जैसे पर्वतीय जिले के लिए विशेष गौरव की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुज पंत प्रशासनिक सेवाओं के दौरान अपनी प्रतिभा, कठोर परिश्रम और जन सेवा के प्रति अटूट समर्पण से न केवल देश बल्कि उत्तराखंड का मान बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, एक कुशल प्रशासक के रूप में अनुज विकास की नई इबारत लिखने में सक्षम होंगे और देश के विकास कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड की युवा प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच और प्रोत्साहन मिल सके।
वहीं, अनुज पंत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दी गई इस प्रोत्साहन भरी बधाई के लिए उनका हृदय से आभार जताया। अनुज ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण शब्दों और उनके अटूट विश्वास ने उनके मनोबल को और अधिक बढ़ा दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ देश सेवा करेंगे और अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन समाज के व्यापक हित में करेंगे। अनुज की इस ऐतिहासिक सफलता से उनके पैतृक गांव झूलापे और पूरे जनपद चंपावत में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग अनुज की इस कामयाबी को पहाड़ की जीवटता और संघर्ष की जीत मान रहे हैं।