लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुँच गई है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर दावे और आपत्तियां दाखिल करने का आज यानी शुक्रवार अंतिम दिन है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि समय सीमा में अब कोई और विस्तार नहीं किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि आज अंतिम दिन किसी भी मतदाता को कोई असुविधा न हो और सभी बूथों पर संबंधित फॉर्म पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें।
मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरने की व्यवस्था की गई है। सीईओ के निर्देशानुसार, सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को अपने पास पर्याप्त संख्या में ये फॉर्म रखने को कहा गया है। मतदाता न केवल बूथ पर जाकर बल्कि ‘ईसीआई नेट’ ऐप और चुनाव आयोग के आधिकारिक वेब पोर्टल (www.voters.eci.gov.in) के माध्यम से भी घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने पर प्रशासन का विशेष जोर है।
इस बार की एसआईआर प्रक्रिया में वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाया गया था। आंकड़ों के अनुसार, करीब 1.04 करोड़ ऐसे मतदाता पाए गए जिनके नाम का मिलान पुरानी सूची से नहीं हो सका, जबकि 2.22 करोड़ मतदाताओं के विवरण में तार्किक विसंगतियां पाई गईं। इन सभी को विभाग द्वारा नोटिस जारी कर सुनवाई का मौका दिया गया था। चुनाव आयोग के अनुसार, आज तक प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों को ही एसआईआर के तहत प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में स्थान मिलेगा। इसके बाद नाम जुड़वाने की प्रक्रिया तो जारी रहेगी, लेकिन वे एसआईआर के विशेष रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
अब तक की प्रगति की बात करें तो प्रदेश भर में मतदाता बनने के लिए 82.34 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरा है, जो एक बड़ी संख्या है। वहीं, मतदाता सूची को शुद्ध करने के उद्देश्य से 2.84 लाख लोगों ने नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरा है। इसमें उन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं नामों को हटाया गया है जिनकी जांच में आपत्ति सही पाई गई, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का वोट न कटे।
गौरतलब है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन 6 जनवरी को किया गया था और शुरुआत में इसके लिए एक माह का समय दिया गया था। उत्तर प्रदेश की विशाल जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक अतिरिक्त महीने की छूट दी थी, जो आज समाप्त हो रही है। यदि अभी भी किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है या उसमें कोई त्रुटि है, तो उनके पास अपनी नागरिक जिम्मेदारी निभाने का आज अंतिम अवसर है। इसके बाद निर्वाचन आयोग अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तैयारी शुरू कर देगा।
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