हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिले के जासकोट में निर्माणाधीन हेलीपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट का जायजा लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए इस हेलीपोर्ट का काम आगामी मई महीने तक हर हाल में पूरा कर लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में पर्यटन और हवाई यातायात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर कहा कि कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यटन क्षेत्र का विकास न केवल हिमाचल की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के ढेरों नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार, हिमाचल के सभी जिला मुख्यालयों और प्रमुख पर्यटन केंद्रों को हवाई मार्ग से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
हवाई सेवाओं के विस्तार पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में संजौली हेलीपोर्ट से चंडीगढ़ और रिकांगपिओ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की गई हैं, जिन्हें पर्यटकों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, आने वाले दिनों में संजौली-रामपुर-रिकांगपिओ और संजौली-मनाली (सासे हेलीपैड) मार्गों पर भी नियमित हवाई सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में भी स्थानीय लोगों को त्वरित परिवहन की सुविधा मिल सकेगी।
जासकोट के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने 123 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहे हमीरपुर बस स्टैंड प्रोजेक्ट का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों ही परियोजनाएं जिले के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ये प्रोजेक्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर बनकर तैयार हो जाएंगे, जिससे जिले के निवासियों को आधुनिक परिवहन सुविधाएं और एक बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राप्त होगा।
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान विधायक सुरेश कुमार, कैप्टन रंजीत सिंह, पूर्व विधायक अनिता वर्मा, रामचंद्र पठानिया, कुलदीप सिंह पठानिया, अजय शर्मा, सुमन भारती, पुष्पेंद्र वर्मा, सुभाष धतवालिया, रूबल ठाकुर, सचिव सुधा देवी, आशीष सिंहमार, उपायुक्त गंधर्वा राठौर और पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और नेता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक बाधा न आए, इसे सुनिश्चित किया जाए।