देहरादून। प्रमुख सचिव वित्त रमेश कुमार सुधांशु ने सचिवालय में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने संगठनों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर विस्तार से चर्चा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के लिए कड़े निर्देश दिए। बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान तलाशना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार लाना था।
बैठक में सबसे पहले राजकीय शिक्षक संघ की मांगों पर विचार किया गया। शिक्षकों को वर्ष में एक बार अपने गृह जनपद जाने के लिए यात्रा अवकाश को पूर्व की भांति बहाल करने की मांग पर रमेश कुमार सुधांशु ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में प्रचलित वर्तमान व्यवस्था का अध्ययन किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालयी शिक्षा विभाग में विभिन्न स्तरों पर रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द निपटाने के आदेश दिए। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ की मांगों को लेकर उन्होंने वित्त और कार्मिक विभाग को निर्देश दिए कि भारत सरकार की व्यवस्था के आधार पर इनका परीक्षण कर उचित कदम उठाए जाएं।
मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के ढांचे के पुनर्गठन की मांग पर प्रमुख सचिव ने केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप समयबद्ध समीक्षा करने को कहा। उन्होंने देहरादून के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर संघ भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (समूह ख) के उत्तरदायित्वों के निर्धारण के संबंध में उन्होंने कार्मिक विभाग को एक विस्तृत प्रस्ताव और प्रस्तुतीकरण तैयार करने को कहा। साथ ही, जिन विभागों में अब तक मिनिस्टीरियल पदों का पुनर्गठन नहीं हुआ है, वहां इसे तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा पदोन्नति से वंचित कार्मिकों के लिए उठाई गई एसीपी की मांग पर उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा सत्र के बाद विभागाध्यक्षों और संगठनों के साथ बैठक कर इस पर निर्णय लिया जाएगा। स्वास्थ्य सुविधाओं के मोर्चे पर प्रमुख सचिव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने गोल्डन कार्ड के तहत जन औषधि केंद्रों से कैशलेस दवाएं और सुपर स्पेशलिस्ट अस्पतालों में कैशलेस जांच की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कर्मचारी संगठनों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए।
वेतन विसंगतियों को लेकर भी बैठक में सकारात्मक रुख दिखा। प्रमुख सचिव ने विभिन्न संवर्गों की वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने का आश्वासन दिया। उन्होंने वाहन और यात्रा भत्ते की दरों में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के समक्ष रखने के निर्देश दिए। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की मांगों पर चर्चा करते हुए उन्होंने जूनियर इंजीनियरों की वेतन विसंगति और पेयजल निगम व जल संस्थान के एकीकरण के मामले में विधानसभा सत्र के बाद रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी तकनीकी कर्मचारियों को पदोन्नति के समान अवसर मिलें। बैठक में वित्त सचिव दिलीप जावलकर और अपर सचिव विनीत कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।