टनकपुर। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक मां पूर्णागिरि मेले 2026 का शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिवत शुभारंभ किया। टनकपुर में आयोजित इस उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य मां पूर्णागिरि मेले को केवल एक निश्चित समय तक सीमित न रखकर पूरे वर्ष भर संचालित करना है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आज की गई सभी घोषणाओं पर बिना किसी विलंब के त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विकास योजनाओं का विस्तार करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने सेलागाड़ से कोटकेंद्री तक संपर्क मार्ग के निर्माण और कालीगूठ-पूर्णागिरि के विभिन्न मेला स्थलों के सौंदर्यीकरण का एलान किया। उन्होंने मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में एक भव्य प्रवेश द्वार बनाने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण मोटर मार्ग के सुधारीकरण और आंतरिक क्षेत्र में विश्राम गृह व पुलिया निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत जिला संस्कृति, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है, जिसे आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से लैस करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने जिले में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स का विवरण देते हुए बताया कि टनकपुर बस स्टेशन को 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक आधुनिक इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के रूप में विकसित किया जा रहा है। ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के तहत कुमाऊँ के प्रमुख मंदिरों को जोड़ा जा रहा है और उनके मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूर्णागिरि धाम में रोपवे का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्णागिरि के आसपास के सभी प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष ‘पर्यटन सर्किट’ बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला मुख्यालय में 55 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों के लिए ‘साइंस सिटी’ के रूप में उभरेगा। इसके अलावा लोहाघाट में 237 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और जिला चिकित्सालय में 20 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया गया है। टनकपुर में 38वें राष्ट्रीय खेलों के बाद राफ्टिंग को एक नई वैश्विक पहचान मिली है और अब इस क्षेत्र को ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में भी विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने मेला समिति और प्रशासन को निर्देशित किया कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर आतिथ्य, स्वच्छ वातावरण और शुद्ध पेयजल मिलना चाहिए ताकि वे एक सुखद अनुभव लेकर लौटें। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी सरकार की नीतियों की सराहना की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से दर्शन करने की अपील की।