लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक बड़ी और राहत भरी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि फरवरी महीने के वेतन और पेंशन का भुगतान होली के पावन पर्व से पहले ही सुनिश्चित किया जाए। इस निर्णय का उद्देश्य यह है कि प्रदेश का हर कर्मचारी और उनका परिवार आर्थिक निश्चिंतता के साथ रंगों के इस त्योहार को हर्षोल्लास से मना सके।
योगी आदित्यनाथ के इस निर्देश के बाद अब प्रदेश के नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मियों, संविदा कर्मचारियों और सफाईकर्मियों को भी होली से पहले ही उनके मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। शासन ने तय किया है कि फरवरी माह का वेतन और पेंशन आगामी 28 तारीख तक सभी के बैंक खातों में भेज दी जाए। आमतौर पर वेतन अगले महीने की पहली या दूसरी तारीख को मिलता है, लेकिन त्योहार की तैयारियों को देखते हुए सरकार ने इस बार यह अग्रिम भुगतान करने का फैसला लिया है।
वेतन भुगतान की प्रक्रिया में कोई तकनीकी बाधा न आए और समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी हो सकें, इसके लिए सरकार ने आगामी शनिवार को भी कार्यदिवस के रूप में घोषित किया है। इस दिन वित्त विभाग और बैंकों से जुड़े संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे ताकि ट्रांजैक्शन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि वेतन और पेंशन वितरण के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी भुगतान में कोताही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, शासन ने होली के उपलक्ष्य में सार्वजनिक अवकाश की सूची भी स्पष्ट कर दी है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश में होली का अवकाश कुल तीन दिनों का निर्धारित किया गया है, जो 2 मार्च से शुरू होकर 4 मार्च तक रहेगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से 3 मार्च को होली का मुख्य अवकाश घोषित किया गया है। वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप आधिकारिक शासनादेश भी जारी कर दिया है।
सरकार के इस कदम से राज्य की अर्थव्यवस्था और बाजारों में भी तेजी आने की उम्मीद है। समय से पहले हाथ में पैसा आने से कर्मचारी त्योहार की खरीदारी बेहतर ढंग से कर पाएंगे। पेंशनभोगियों के लिए भी यह एक बड़ी सुविधा है, क्योंकि उन्हें अब अपनी जरूरतों के लिए अगले महीने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। योगी आदित्यनाथ का यह फैसला कर्मचारी संगठनों के बीच काफी सराहा जा रहा है और इसे सुशासन की दिशा में एक संवेदनशील पहल माना जा रहा है।